
1 / 7
भूटान दुनिया का एक ऐसा देश है जहां ट्रैफिक लाइट्स नहीं हैं, फिर भी यहां ट्रैफिक जाम देखने को नहीं मिलता. यहां का ट्रैफिक सिस्टम अनुशासन, आपसी समझ और पुलिस के इशारों पर चलता है.
भूटान-बिना ट्रैफिक लाइट वाला देश

2 / 7
भूटान दुनिया का इकलौता ऐसा देश माना जाता है जहां ट्रैफिक लाइट्स नहीं हैं. यहां की राजधानी थिम्फू भी बिना सिग्नल के चलती है, जो इसे दुनिया के बाकी शहरों से अलग बनाती है.
ट्रैफिक कैसे चलता है बिना सिग्नल?

3 / 7
यहां ट्रैफिक पुलिसकर्मी चौराहों पर खड़े होकर हाथों के इशारों से ट्रैफिक कंट्रोल करते हैं. वो स्पेशल ट्रेनिंग लेकर तालमेल के साथ वाहनों को दिशा देते हैं.
लोगों की समझ और अनुशासन सबसे बड़ी ताकत

4 / 7
भूटान में ड्राइवर एक-दूसरे से आंखों के संपर्क और इशारों के जरिए रास्ता तय करते हैं. यहां ट्रैफिक नियमों का पालन अपनी इच्छा से होता है, जिससे दुर्घटनाएं और जाम कम होते हैं.
ट्रैफिक लाइट लगाने की कोशिश हुई थी

5 / 7
थिम्फू में एक बार ट्रैफिक लाइट लगाई गई थी, लेकिन लोगों को ये पसंद नहीं आई और कुछ ही दिनों में हटा दी गई. भूटान की आबादी काफी कम है, जिससे सड़कों पर वाहनों की संख्या भी सीमित रहती है. यही वजह है कि ट्रैफिक लाइट्स की जरूरत महसूस नहीं होती.
शांति और संस्कृति का असर

6 / 7
भूटान का ट्रैफिक सिस्टम उसकी संस्कृति को दर्शाता है, जहां लोग शांति, सम्मान को प्राथमिकता देते हैं. यहां का मकसद सिर्फ ट्रैफिक कंट्रोल नहीं बल्कि सामाजिक संतुलन भी है. ट्रैफिक लाइट्स न होने से बिजली की बचत होती है और प्रदूषण भी कम होता है. ये भूटान की पर्यावरण संरक्षण नीति से भी जुड़ा हुआ है.
क्या कभी जाम लगता है?

7 / 7
हालांकि पीक टाइम में थोड़ी भीड़ हो सकती है, लेकिन ज्यादातर समय ट्रैफिक सुचारू रहता है क्योंकि लोग नियमों का पालन करते हैं. भूटान का ट्रैफिक सिस्टम ये दिखाता है कि बिना तकनीक के भी अनुशासन और सहयोग से व्यवस्था चलाई जा सकती है.
(All Photos Credit: Social Media)