50 दिन में 11 देशों का सफर, कभी लंदन से कोलकाता तक चलती थी बस

London Calcutta bus service: क्या आप दुनिया के सबसे लंबे बस रूट के बारे में जानते हैं कि किसी समय लंदन से कलकत्ता तक बस चलती थी जोकि करीब 20 साल चली. 51 दिन में पूरा होने वाला यह सफर 11 देशों से होकर गुजरता था, जिसमें आने-जाने तक सफर 32,700 किमी से अधिक लंबा था.

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London Calcutta bus service: 1950-70 के दशक में लंदन से भारत के कोलकाता तक खास बस चलाई जाती थी, जिसे दुनिया के सबसे लंबे बस सफर में गिना जाता था. मीलों लंबी यह यात्रा 11 देशों से होकर गुजरती थी और करीब 50 दिन लेती थी. क्या आप जानते हैं कि यह बस क्यों बंद हो गई. दरअसल, 1970 के दशक में कई रूट असुरक्षित माने जाने लगे थे. साथ ही हवाई यात्रा सस्ती और तेज होने लगी, जिससे यह अनोखा सफर इतिहास बन गया.

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भारत समेत इन देशों से गुजरती थी बस

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पहली बस सेवा का संचालन 15 अप्रैल, 1957 को लंदन सेल्बर्ट ट्रैवल द्वारा किया गया था. पहली सेवा 50 दिन बाद 5 जून को कलकत्ता पहुंची. अपनी यात्रा के दौरान बस इंग्लैंड से बेल्जियम और फिर वहां से पश्चिम जर्मनी , ऑस्ट्रिया , यूगोस्लाविया , बुल्गारिया , तुर्की , ईरान , अफगानिस्तान , पाकिस्तान और उत्तर पश्चिमी भारत होते हुए भारत पहुंची. भारत में प्रवेश करने के बाद, यह अंततः नई दिल्ली , आगरा , इलाहाबाद और बनारस होते हुए कलकत्ता पहुंची.

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बस में उपलब्ध सुविधाएं

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डबल डेकर बस में पढ़ने की सुविधा, सभी यात्रियों के लिए अलग-अलग सोने की जगहें, पंखे से चलने वाले हीटर और एक रसोईघर था. बस के ऊपरी डेक पर एक आगे की ओर लाउंज था. पार्टियों के लिए रेडियो और संगीत प्रणाली उपलब्ध कराई गई थी. भारत में पर्यटन स्थलों पर समय बिताने की सुविधा थी , जिनमें बनारस और आगरा में यमुना नदी के किनारे स्थित ताजमहल शामिल थे. साल्ज़बर्ग , वियना , इस्तांबुल , तेहरान और काबुल में खरीदारी की भी अनुमति थी.

भारतीय रुपयों में किराया व सुविधाएं

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बस की टिकट में खाना, रहना और पूरा ट्रैवल शामिल होता था. 1957 में, एक तरफा टिकट की कीमत £85 थी, जो 1973 तक बढ़कर £145 हो गई. भारतीय रुपयों में करीब 8000 से लेकर 15,660 तक इस ट्रिप की कीमत होती थी. मुद्रास्फीति के हिसाब से समायोजित करने पर आज एक तरफा टिकट के लिए लगभग 7,900 पाउंड और वापसी टिकट के लिए 6,000 पाउंड होगा.

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एक्सीडेंट के बाद बिक गई बस

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एक्सीडेंट के बस को एक ब्रिटिश यात्री एंडी स्टीवर्ट ने खरीद लिया. उन्होंने इसे डबल डेकर बस में बदला और इसका नाम बदलकर अल्बर्ट रख दिया गया और 8 अक्टूबर, 1968 को सिडनी से लंदन तक भारत होते हुए यात्रा की. बस को लंदन पहुंचने में लगभग 132 दिन लगे. अल्बर्ट टूर्स इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में स्थित एक कंपनी थी और यह लंदन-कलकत्ता-लंदन और लंदन-कलकत्ता-सिडनी मार्गों पर संचालित होती थी. बस ईरान होते हुए भारत पहुंची.

1976 में बंद हो गई बस सर्विस

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भारत ये बर्मा , थाईलैंड और मलेशिया होते हुए सिंगापुर गई. सिंगापुर से बस को जहाज से ऑस्ट्रेलिया के पर्थ ले जाया गया और वहां से सड़क मार्ग से सिडनी तक पहुंचाया गया . लंदन से कलकत्ता तक इस सेवा का किराया 145 पाउंड था. सेवा में पहले की तरह सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध थीं. पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव बढ़ने के कारण 1976 में बस सेवा बंद कर दी गई . बंद होने से पहले, अल्बर्ट टूर्स ने कोलकाता से लंदन और लंदन के बीच लगभग 15 यात्राएं पूरी कीं.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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