ईरान के हमले में तबाह हुआ बुर्ज खलीफा तो क्या होगा? कौन करेगा नुकसान की भरपाई, जानिए पूरा सिस्टम

Iran Israel War: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि अगर दुबई का बुर्ज खलीफा किसी हमले में तबाह हो जाए तो उसकी भरपाई कौन करेगा? क्या बीमा कंपनियां, सरकार या कोई और? जानिए इस महंगे टावर के इंश्योरेंस और मुआवजे का पूरा गणित.

Iran Israel War
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Credit: News24

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बुर्ज खलीफा पर खतरे की चर्चा क्यों हो रही है?

बुर्ज खलीफा पर खतरे की चर्चा क्यों हो रही है?2 / 10

ईरान और इजरायल के बीच टकराव और अमेरिका की भूमिका ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. हाल के दिनों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरों ने खाड़ी देशों को भी अलर्ट कर दिया. दुबई जैसे ग्लोबल शहर में मौजूद दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा भी चर्चा में आ गई. सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन इसे कुछ समय के लिए खाली कराया, जिससे ये सवाल उठा कि अगर यहां हमला हो जाए तो क्या होगा?

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क्या सच में बुर्ज खलीफा पर खतरा है?

क्या सच में बुर्ज खलीफा पर खतरा है?3 / 10

अब तक बुर्ज खलीफा पर कोई सीधा हमला नहीं हुआ है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए खतरे को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. ईरान की मिसाइल क्षमता और ड्रोन टेक्नोलॉजी काफी एडवांस मानी जाती है, जो लंबी दूरी तक हमला कर सकती है. हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात के पास भी मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम है, जो इस तरह के हमलों को रोकने में सक्षम है.

कितना महंगा है बुर्ज खलीफा?

कितना महंगा है बुर्ज खलीफा?4 / 10

बुर्ज खलीफा सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग और लग्जरी का सिंबल है. इसे बनाने में करीब 1.5 अरब डॉलर (लगभग 12 हजार करोड़ रुपये) खर्च हुए थे. आज इसकी वैल्यू 3 अरब डॉलर (करीब 25 हजार करोड़ रुपये) से भी ज्यादा मानी जाती है. इसमें लग्जरी होटल, रेजिडेंशियल अपार्टमेंट, ऑफिस स्पेस और ऑब्जर्वेशन डेक शामिल हैं. इतनी बड़ी संपत्ति का नुकसान किसी एक कंपनी या संस्था के लिए उठाना आसान नहीं होगा.

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क्या बुर्ज खलीफा का बीमा कराया गया है?

क्या बुर्ज खलीफा का बीमा कराया गया है?5 / 10

जी हां, बुर्ज खलीफा का बड़ा बीमा कराया गया है. इतनी बड़ी इमारत का बीमा एक ही कंपनी नहीं करती, बल्कि कई इंटरनेशनल बीमा कंपनियां मिलकर इसका कवरेज देती हैं. इसे 'कॉन्सोर्टियम इंश्योरेंस' कहा जाता है, जहां जोखिम को कई हिस्सों में बांट दिया जाता है. इससे ये सुनिश्चित किया जाता है कि अगर कोई बड़ा नुकसान हो, तो एक ही कंपनी पर पूरा बोझ न पड़े.

बीमा और री-इंश्योरेंस कैसे काम करता है?

 बीमा और री-इंश्योरेंस कैसे काम करता है?6 / 10

बुर्ज खलीफा का बीमा सिर्फ स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि ग्लोबल नेटवर्क के जरिए होता है. इसमें प्राइमरी इंश्योरेंस कंपनियों के साथ-साथ 'री-इंश्योरेंस' कंपनियां भी शामिल होती हैं. री-इंश्योरेंस का मतलब है कि बीमा कंपनियां भी अपना जोखिम दूसरी कंपनियों को ट्रांसफर कर देती हैं. इस सिस्टम से अरबों डॉलर के नुकसान को भी मैनेज करना संभव हो जाता है और आर्थिक जोखिम पूरी दुनिया में फैल जाता है.

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क्या युद्ध के नुकसान को बीमा कवर करता है?

क्या युद्ध के नुकसान को बीमा कवर करता है?7 / 10

यह सबसे अहम सवाल है. आमतौर पर बीमा पॉलिसी में 'फुल वॉर' यानी युद्ध से होने वाले नुकसान को कवर नहीं किया जाता. हालांकि, कई पॉलिसी में 'पॉलिटिकल वायलेंस' और 'टेररिज्म' को शामिल किया जाता है. अगर हमला आतंकवादी हो तो, तो बीमा क्लेम मिल सकता है. लेकिन अगर इसे दो देशों के बीच खुला युद्ध माना गया, तो क्लेम मिलना मुश्किल हो सकता है.

मिसाइल हमले की स्थिति में क्या होगा?

मिसाइल हमले की स्थिति में क्या होगा?8 / 10

अगर बुर्ज खलीफा पर मिसाइल या ड्रोन हमला होता है, तो सबसे पहले यह तय किया जाएगा कि घटना किस कैटेगरी में आती है-आतंकवाद, राजनीतिक हिंसा या युद्ध. इसके आधार पर बीमा कंपनियां फैसला लेंगी कि क्लेम देना है या नहीं. अगर यह 'कवर्ड रिस्क' में आता है, तो नुकसान की भरपाई बीमा और री-इंश्योरेंस कंपनियां मिलकर करेंगी. वरना, मालिकों और सरकार पर जिम्मेदारी आ सकती है.

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इमारत के अलग-अलग हिस्सों का अलग बीमा

इमारत के अलग-अलग हिस्सों का अलग बीमा9 / 10

बुर्ज खलीफा में मौजूद हर हिस्सा-जैसे होटल, अपार्टमेंट और ऑफिस, अलग-अलग मालिकों के पास है. इसलिए हर यूनिट का बीमा अलग-अलग पॉलिसी के तहत किया जाता है. अगर किसी हिस्से को नुकसान होता है, तो उसी मालिक को क्लेम करना होगा. इससे मुआवजा प्रक्रिया जटिल हो जाती है, क्योंकि हर क्लेम अलग-अलग जांच के बाद तय किया जाता है.

क्या सरकार भी मदद कर सकती है?

क्या सरकार भी मदद कर सकती है?10 / 10

अगर नुकसान बहुत बड़ा होता है और बीमा पूरी तरह कवर नहीं करता, तो UAE सरकार हस्तक्षेप कर सकती है. सरकार आपातकालीन राहत पैकेज, पुनर्निर्माण सहायता या विशेष आर्थिक सहायता दे सकती है. दुबई की अर्थव्यवस्था में बुर्ज खलीफा की अहम भूमिका को देखते हुए, सरकार इसे दोबारा खड़ा करने के लिए हर संभव कदम उठा सकती है. (All Photos Credit: Social Media)

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

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वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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