क्रैश होते प्लेन से अचानक 'अदृश्य' कैसे हो जाते हैं पायलट? सिर पर मंडराती 'मौत' के मुंह से भी बच निकलते हैं
Pilot Special Survival Training: अमेरिकी वायुसेना के 2 लड़ाकू विमान ईरान की सेना ने ढेर कर दिए, लेकिन दोनों विमानों के तीनों पायलट इजेक्ट हो गए। दुश्मन को पता तक नहीं चला और वे विमानों से निकलकर गायब हो गए, आखिर ये कैसे हुआ? आइए जानते हैं...

अमेरिका के लड़ाकू विमान F-15E स्ट्राइक ईगल और A-थंडरबोल्ट-2 को ईरान की सेना ने मार गिराया। लेकिन अमेरिकी सेना के पायलट इजेक्ट होकर बच गए। दुश्मन की धरती पर सिर पर मंडराती मौत के बीच भी वे जिंदा बच निकले। हालांकि एक पायलट लापता है और वह ईरान की सेना के हाथ लगा तो तुरुप का इक्का साबित हो सकता है, लेकिन सवाल यह है कि अगर कोई फाइटर जेट या विमान दुश्मन के इलाके में क्रैश हो जाता है तो वह बच कैसे निकलते हैं और दुश्मन के हाथ लगने से कैसे बचने हैं?
सेना के पायलटों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती
2 / 6बता दें कि क्रैश होते प्लेन से पायलट के रेस्क्यू होने और दुश्मन के हाथ लगने से बचने की वजह उनकी ट्रेनिंग है, यानी पायलटों को सिर्फ विमान उड़ाना ही नहीं सिखाया जाता, बल्कि युद्ध के दौरान दुश्मन की धरती पर क्रैश होते प्लेन से इजेक्ट होना सिखाया जाता है। दुश्मन को चकमा देकर ‘अदृश्य’ होना यानी दुश्मनों के हाथ आने से पहले गायब होना भी सिखाया जाता है। पायलट कैसे अपनी लोकेशन अपनी सेना तक पहुंचाएगा, यह भी सिखाया जाता है। रेस्क्यू टीम के आने तक खुद को छिपाए और बचाए रखना सिखाया जाता है।
सैन्य पायलटों को 4 प्रकार की ट्रेनिंग मिलती
3 / 6सेना, वायुसेना और नौसेना के पायलटों को दी जाने वाली ट्रेनिंग को सैन्य भाषा में सर्वाइवल, इवेजन, रेजिस्टेंस और एस्केप (SERE) ट्रेनिंग कहते हैं। जिसमें पायलट को सिखाया जाता है कि कैसे बिना खाने और पानी के हफ्तों तक जिंदा रहना है? जंगल हो या रेगिस्तानी इलाका, दोनों में कैसे सर्वाइव करना है? दुश्मन से बचने के लिए छलावरण (Camouflage) बनाने और रात के अंधेरे में रास्ता खोजना सिखाया जाता है।
पायलट की लोकेशन सेना को कैसे मिलती?
4 / 6बता दें कि सेना के पायलट की वर्दी या सीट में एक छोटा-सा इंस्ट्रूमेंट लगा होता है, जिसे रेस्क्यू बीकन कहते हैं। जब पायलट विमान से इजेक्ट होता है तो यह एक्टिवेट हो जाता है। सैटेलाइट के सिग्नल पकड़कर बेस कमांड तक पहुंचाता है। सिग्नल को ट्रेस करके सेना को पायलट की सटीक GPS लोकेशन मिल जाती है। पायलट के पास एक स्पेशल रेडियो होता है, जिसे ट्रैक करके भी पायलट की लोकेशन मिल जाती है। पायलट की लोकेशन मिलते ही वायुसेना कॉम्बैट सर्च एंड रेस्कयू (CSAR) ऑपरेशन शुरू करती है।
पायलटों के पास स्पेशल सर्वाइवल किट होती
5 / 6पायलटों को युद्ध में मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान एक सर्वाइवल किट मिलती है, जिसमें वह सभी जरूरी चीजें होती हैं, जो मुश्किल वक्त में सर्वाइवल के लिए जरूरी होती हैं। इसमें सेल्फ डिफेंस के लिए हथियार जैसे पिस्तौल या चाकू होता है। हाई कैलोरी वाले बिस्कुट और पानी साफ करने वाली क्लोरिन की गोलियां होती हैं। चोट लगने पर फर्स्ट ऐड के तौर पर मेडिकल किट और नक्शे के साथ-साथ सीक्रेट कोड की बुकलेट होती है।
पायलट सबूतों को दुश्मन के हाथ नहीं लगने देता
6 / 6बता दें कि मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान पायलट को सख्त निर्देश होते हैं कि वह दुश्मन के हाथ सबूत न लगने दे। इसके लिए वह सभी संवेदनशील दस्तावेजों, नक्शे और कॉल साइन को खत्म कर देता है। वह इन्हें जला देता है या केमिकल से गला देता है। यह केमिकल भी किट के अंदर होता है। क्योंकि अगर दुश्मन के हाथ सबूत लग जाएंगे तो सेना की रणनीति खतरे में पड़ जाएगी।