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Iran America War: ईरान के खिलाफ अमेरिका ने कई ताकतवर हथियारों का इस्तेमाल किया है, लेकिन उसके पास अभी भी ऐसे घातक हथियार मौजूद हैं जिनका यूज नहीं हुआ है. अगर ये हथियार इस्तेमाल होते हैं, तो युद्ध और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है.
अमेरिका के पास अभी बचा है खतरनाक हथियारों का जखीरा

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ईरान के खिलाफ हालिया सैन्य कार्रवाई में अमेरिका ने बंकर बस्टर बम, क्रूज मिसाइल और ड्रोन जैसे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है. इन हमलों का मकसद ईरान के अंडर ग्राउंड सैन्य ठिकानों और मिसाइल बेस को नुकसान पहुंचाना था. हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ने अभी अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल नहीं किया है. उसके पास कई ऐसे हाई-टेक और विनाशकारी हथियार मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल अभी तक नहीं किया गया है. अगर इन हथियारों का उपयोग होता है, तो यह संघर्ष और ज्यादा गंभीर और खतरनाक हो सकता है.
टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियार– सबसे खतरनाक विकल्प

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टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियार छोटे आकार के परमाणु हथियार होते हैं, जिन्हें सीमित क्षेत्र में इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है. अमेरिका के पास ऐसे कई न्यूक्लियर ऑप्शन मौजूद हैं, जो युद्ध के दौरान निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं. हालांकि, इनके इस्तेमाल से न केवल भारी तबाही होगी बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है.
MOAB: दुनिया का सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम

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MOAB (Massive Ordnance Air Blast) को 'Mother of All Bombs' कहा जाता है. ये अमेरिका का सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम है, जिसका वजन लगभग 11 टन होता है. ये बम जमीन पर गिरने के बाद एक बड़े क्षेत्र में विस्फोट कर सकता है और आसपास की हर चीज को तबाह कर देता है. अमेरिका ने इसका इस्तेमाल पहले अफगानिस्तान में किया था, लेकिन ईरान के खिलाफ इसका इस्तेमाल अब तक नहीं किया गया है.
हाइपरसोनिक मिसाइलें- रोकना लगभग नामुमकिन

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हाइपरसोनिक हथियार ऐसे मिसाइल होते हैं, जो आवाज की स्पीड (Mach 5) से कई गुना तेज चलते हैं. इनकी सबसे बड़ी खासियत है कि ये हवा में दिशा बदल सकते हैं, जिससे इन्हें रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है. अमेरिका इस तकनीक पर तेजी से काम कर रहा है और उसके पास ऐसे हथियार मौजूद हैं, जिन्हें युद्ध में इस्तेमाल किया जा सकता है.
समुद्र से हमला: कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की ताकत

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अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर समुद्र में चलते-फिरते एयरबेस की तरह होते हैं. इनके साथ कई युद्धपोत, पनडुब्बियां और फाइटर जेट तैनात रहते हैं. हालांकि, अमेरिका ने अपने कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को क्षेत्र में तैनात कर दिया है, लेकिन उनकी पूरी ताकत अभी नहीं दिखाई गई है.
साइबर वॉरफेयर- बिना गोली चलाए हमला

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आधुनिक युद्ध में साइबर वॉरफेयर एक बड़ा हथियार बन चुका है. अमेरिका इस क्षेत्र में दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में से एक है. साइबर हमलों के जरिए दुश्मन के पावर ग्रिड, बैंकिंग सिस्टम, कम्यूनिकेशन नेटवर्क और मिलिट्री कंट्रोल सिस्टम को ठप किया जा सकता है. हालांकि, इस तरह के हमले अक्सर सीक्रेट होते हैं और खुले तौर पर स्वीकार नहीं किए जाते. अगर अमेरिका बड़े स्तर पर साइबर हमला करता है, तो ईरान की पूरी व्यवस्था कुछ समय के लिए ठप हो सकती है.
B-2 बॉम्बर की पूरी ताकत अभी बाकी

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B-2 स्टील्थ बॉम्बर अमेरिका का एक एड्वांस्ड जेट है, जो रडार से बचकर दुश्मन के इलाके में घुस सकता है. ये विमान भारी बम, खासकर बंकर बस्टर हथियार ले जाने में सक्षम है. हालांकि, अमेरिका ने सीमित स्तर पर इसका इस्तेमाल किया है, लेकिन इसकी पूरी ताकत अभी इस्तेमाल नहीं हुई है. अगर B-2 का बड़े स्तर पर यूज किया जाता है, तो ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया जा सकता है.
(All Photos Credit: AI)