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ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बुलावे पर चार दिवसीय भारत यात्रा पर शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे. इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक और औद्योगिक साझेदारी को ठोस आकार देना है. राजनाथ और डेंडियास के बीच सोमवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी. इस दौरान दोनों नेता सैन्य सहयोग की प्रगति पर चर्चा करेंगे. साथ ही हिंद महासागर व भूमध्य सागर में सुरक्षा चुनौतियों पर बात होगी.

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ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बुलावे पर चार दिवसीय भारत यात्रा पर शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे. इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक और औद्योगिक साझेदारी को ठोस आकार देना है. राजनाथ और डेंडियास के बीच सोमवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी. इस दौरान दोनों नेता सैन्य सहयोग की प्रगति पर चर्चा करेंगे. साथ ही हिंद महासागर व भूमध्य सागर में सुरक्षा चुनौतियों पर बात होगी.

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में अपने ग्रीक समकक्ष निकोलास-जॉर्जियोस डेंडियास से मुलाकात की.
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और ग्रीस ने द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने पर संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं और साल 2026 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का आदान-प्रदान किया है.
उन्होंने दोनों समुद्री देशों के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाने के लिए गुरुग्राम में इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन में एक ग्रीक इंटरनेशनल Liaison ऑफिसर की तैनाती की घोषणा का भी स्वागत किया.

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ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास ने दिल्ली में नेशनल वॉर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की.

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ग्रीक रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में तीनों सेनाओं का गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर क्या है?
यह एक विशेष सलामी होती है. जैसे इसके नाम से ही जाहिर होता है कि इसमें तीनों सेना के जवान होते है. इसमें भारत की थल सेना, नौसेना और वायु सेना के जवानों को मिलाकर एक टुकड़ी बनाई जाती है. यह टुकड़ी देश की एकता और तीनों सेनाओं के तालमेल को दिखाती है. इस टुकड़ी का हेडक्वार्टर दिल्ली में ही होता है.

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ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोलाओस-जॉर्जियोस एस. डेंडियास ने नई दिल्ली में एक इंडस्ट्री इंटरेक्शन में हिस्सा लिया.
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मंत्री ने इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस-समर्थित इनोवेटर्स और डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स के साथ बातचीत की, जिन्होंने अगली पीढ़ी की रक्षा टेक्नोलॉजी दिखाईं, और देश के तेजी से विकसित हो रहे स्वदेशी रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम पर जोर दिया.