AIDS Ke Lakshan: ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस यानी HIV महिला और पुरुषों दोनों को प्रभावित करता है. HIV से संक्रमित होने के बाद अगर इसका जल्द पता लगा लिया जाए और लाइफस्टाइल में बदलाव कर लिए जाएं तो एड्स को डेवलप होने से रोका जा सकता है. लेकिन, कई बार एचआईवी के लक्षणों (HIV Symptoms) को साधाराण परेशानी समझ लिया जाता है और व्यक्ति एड्स का शिकार हो जाता है. एचआईवी पॉजीटिव होने के बाद दूसरी स्टेज क्रोनिक एचआईवी इंफेक्शन है और तीसरी स्टेज है एड्स. ऐसे में चलिए जानते हैं एड्स होने पर महिलाओं के शरीर में किस-किस तरह के लक्षण (AIDS Symptoms In Women) नजर आने लगते हैं.

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ए़ड्स के कुछ लक्षण महिलाओं और पुरुषों में एक जैसे होते हैं, जैसे तेजी से वजन कम होना, लंबे समय तक पेट खराब रहना, शरीर में बहुत ज्यादा थकान महसूस होना और रात के समय पसीने आना.

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एड्स के मरीज के शरीर पर रैशेज या चकत्ते नजर आने लगते हैं. ये चकत्ते शरीर के किसी भी हिस्से पर निकल सकते हैं और जल्दी जाने का नाम नहीं लेते हैं. त्वचा का रंग भी हल्का होना शुरू हो जाता है.

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कोई गंभीर इंफेक्शन हो सकता है जैसे टीबी या फिर न्यूमोनिया. इसके साथ ही याद्दाश्त कम होने जैसे लक्षण देखे जाते हैं.

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महिलाओं को एड्स होने पर वजाइनल इरिटेशन हो सकता है. जननांगों के आस-पास दाने निकलना या सूजन होना भी एड्स के लक्षणों में शामिल है. इस दौरान सेक्शुअल एक्टिविटी अनकंफर्टेबल हो सकती है और इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है.

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वजाइनल डिस्चार्च पहले से ज्यादा होने लगता है. HIV Positive महिला में वजाइनल इंफेक्शन से रिप्रोडक्टिव सिस्टम पर भी असर पड़ सकता है.

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मेंस्ट्रुअल साइकल में बदलाव आ सकता है. इरेग्यूलर पीरियड्स हो सकते हैं और शरीर का हार्मोन बैलेंस बिगड़ सकता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.