भारत में क्या खत्म होने वाला है LPG स्टॉक? रोजाना देश में होती है कितनी खपत, जानें क्या है इंतजाम

Iran Israel War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ने की वजह से भारत में LPG गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, ऐसे में इस समुद्री मार्ग में रुकावट का असर गैस और तेल की सप्लाई पर पड़ सकता है. हालांकि सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और हालात से निपटने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं.

Untitled design - 2026-03-10T204356.728
1 / 11

विज्ञापन

मिडिल ईस्ट तनाव से भारत में गैस सप्लाई पर चिंता

मिडिल ईस्ट तनाव से भारत में गैस सप्लाई पर चिंता2 / 11

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात और समुद्री रास्तों में सुरक्षा खतरे की वजह से भारत में LPG गैस सप्लाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है. ऐसे में अगर शिपमेंट में रुकावट आती है तो इसका असर घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर भी पड़ सकता है. फिलहाल सरकार का कहना है कि देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए तत्काल घबराने की जरूरत नहीं है.

विज्ञापन

होर्मुज स्ट्रेट क्यों है दुनिया का सबसे अहम रास्ता

होर्मुज स्ट्रेट क्यों है दुनिया का सबसे अहम रास्ता3 / 11

होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है. दुनिया के कुल तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. अगर इस मार्ग में किसी वजह से रुकावट आती है, तो इसका असर पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर पड़ सकता है. भारत, चीन, जापान और कई यूरोपीय देश भी इस रास्ते पर काफी हद तक निर्भर हैं.

भारत में रोज कितनी गैस की खपत होती है

भारत में रोज कितनी गैस की खपत होती है4 / 11

भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों में शामिल है. देश में रोज करीब 19 से 20 करोड़ घन मीटर गैस की खपत होती है. इसमें घरेलू उपयोग, बिजली उत्पादन, उद्योग और उर्वरक उत्पादन जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं. इतनी बड़ी मांग को पूरा करने के लिए भारत को घरेलू उत्पादन के साथ-साथ आयात पर भी निर्भर रहना पड़ता है.

विज्ञापन

घरेलू उत्पादन से पूरी नहीं होती जरूरत

घरेलू उत्पादन से पूरी नहीं होती जरूरत5 / 11

भारत में गैस का घरेलू उत्पादन सीमित है. रोज की कुल खपत में से लगभग आधी गैस देश में ही पैदा होती है, जबकि बाकी हिस्सा आयात के जरिए आता है. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में किसी भी तरह का संकट भारत की ऊर्जा सप्लाई को प्रभावित कर सकता है.

आयात में आई गिरावट से बढ़ी चिंता

आयात में आई गिरावट से बढ़ी चिंता6 / 11

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से गैस और तेल की शिपमेंट पर असर पड़ा है. होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या कम होने से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कुछ इलाकों से आने वाली गैस सप्लाई में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई है.

विज्ञापन

सरकार ने कंपनियों को दिए उत्पादन बढ़ाने के निर्देश

सरकार ने कंपनियों को दिए उत्पादन बढ़ाने के निर्देश7 / 11

हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने तेल और गैस कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा रिफाइनरियों को भी सप्लाई बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है. सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है ताकि किसी भी तरह की कमी से बचा जा सके.

दूसरे देशों से गैस खरीदने की तैयारी

दूसरे देशों से गैस खरीदने की तैयारी8 / 11

अगर मिडिल ईस्ट से सप्लाई प्रभावित होती है तो भारत दूसरे देशों से गैस आयात बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है. इसके तहत अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीकी देशों से गैस खरीदने के विकल्प तलाशे जा रहे हैं. इससे ऊर्जा सप्लाई को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है.

विज्ञापन

घरेलू रसोई गैस को दी जाएगी प्राथमिकता

घरेलू रसोई गैस को दी जाएगी प्राथमिकता9 / 11

सरकार ने साफ किया है कि अगर सप्लाई में कोई समस्या आती है तो सबसे पहले घरेलू रसोई गैस की जरूरतों को पूरा किया जाएगा. इसके लिए कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई में कटौती भी की जा सकती है, ताकि आम लोगों को गैस की कमी का सामना ना करना पड़े.

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त नजर

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त नजर10 / 11

सरकार ने गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं. आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वो जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर स्टॉक ना करें.

विज्ञापन

घबराएं नहीं लोग- सरकार

घबराएं नहीं लोग- सरकार11 / 11

केंद्र सरकार का कहना है कि देश में तेल और गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई बनाए रखने के लिए कई विकल्प तैयार रखे गए हैं. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वो अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य तरीके से ही गैस का इस्तेमाल करें. (All Photos Credit: Social Media)

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन