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अगर आपने रेलवे स्टेशन की विंडो से वेटिंग ट्रेन टिकट बुक कराई है और चार्ट बनने तक टिकट कंफर्म नहीं हुई, तो क्या टिकट कैंसिल हो सकती है? क्या रिफंड मिलेगा? जानिए भारतीय रेलवे के नए नियम, काउंटर टिकट कैंसिलेशन प्रक्रिया और जरूरी बातें.
चार्ट बनने के बाद टिकट कैंसिल हो सकती है?

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रेलवे नियमों के मुताबिक, अगर टिकट वेटिंग में है और चार्ट बनने तक कंफर्म नहीं हुई, तो यात्री टिकट कैंसिल कर सकता है. ऑनलाइन टिकटों में कई मामलों में रिफंड ऑटोमैटिक मिल जाता है, लेकिन काउंटर टिकट के लिए अलग प्रक्रिया अपनानी पड़ती है.
काउंटर टिकट कैंसिल कैसे करें?

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अगर टिकट स्टेशन की विंडो से खरीदी गई है, तो यात्री को रेलवे काउंटर पर जाकर टिकट कैंसिल करानी होती है. कुछ मामलों में रेलवे हेल्पलाइन 139 और PRS काउंटर के जरिए भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. टिकट और पहचान पत्र साथ रखना जरूरी होता है.
TDR क्या होता है?

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चार्ट बनने के बाद टिकट कैंसिल कराने और रिफंड पाने के लिए कई मामलों में TDR यानी Ticket Deposit Receipt फाइल करनी पड़ती है. ये रेलवे को बताता है कि यात्री ने यात्रा नहीं की और रिफंड का दावा कर रहा है.
रेलवे के नए रिफंड नियम क्या कहते हैं?

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रेल मंत्रालय ने 2026 में टिकट कैंसिलेशन और रिफंड नियमों में बदलाव किए हैं. नए नियमों के तहत कंफर्म टिकट पर रिफंड समय के हिसाब से तय होगा. वहीं वेटिंग टिकट के नियमों में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है. अगर वेटिंग टिकट चार्ट बनने तक कंफर्म नहीं होती, तो यात्री को पूरा रिफंड मिल जाता है. ऑनलाइन टिकटों में ये प्रक्रिया ऑटोमैटिक होती है, जबकि काउंटर टिकट में रिफंड प्रक्रिया मैनुअली पूरी करनी पड़ सकती है.
RAC और Waiting टिकट में क्या फर्क है?

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RAC टिकट वाले यात्री ट्रेन में सफर कर सकते हैं, हालांकि उन्हें पूरी बर्थ नहीं मिलती. वहीं वेटिंग टिकट कंफर्म न होने पर यात्रा की अनुमति नहीं होती. चार्ट बनने के दौरान RAC यात्रियों को पहले सीट अलॉट की जाती है.
(All Photos Credit: Social Media)