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अगर आपके बच्चे का आधार कार्ड बना हुआ है, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है. UIDAI ने देशभर में 1 करोड़ से ज्यादा बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट पूरा कर लिया है और अब बाकी माता-पिता को भी समय रहते यह काम कराने की सलाह दी जा रही है. तय उम्र पर अपडेट न कराने पर बच्चे का आधार कई जरूरी कामों के लिए अमान्य हो सकता है. आइए समझते हैं इससे जुड़ी जरूरी बातें.

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1. तय उम्र पर अपडेट कराना है अनिवार्य- UIDAI के नियमों के अनुसार बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक अपडेट दो चरणों में करना जरूरी होता है. पहला अपडेट 5 साल की उम्र में और दूसरा 15 साल की उम्र में कराया जाता है. समय पर यह प्रक्रिया पूरी न होने पर आगे चलकर दिक्कतें आ सकती हैं.

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2. क्या कहता है UIDAI का नियम- 5 साल की उम्र में बच्चे की फोटो, फिंगरप्रिंट और आंखों (आइरिस) की स्कैनिंग आधार में जोड़ी जाती है. यह अपडेट पूरी तरह मुफ्त होता है. इसके बाद 15 साल की उम्र में दोबारा बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी होता है, ताकि आधार आगे भी वैध बना रहे.

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3. क्यों जरूरी है यह अपडेट- कई बार बच्चे का आधार बनवाने के बाद उसे लंबे समय तक अपडेट नहीं कराया जाता. लेकिन यह नियम बच्चों की पहचान को सही और सुरक्षित बनाए रखने के लिए जरूरी है. समय पर अपडेट कराने से स्कूल, स्कॉलरशिप और अन्य सरकारी कामों में परेशानी नहीं होती.

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4. अपडेट के दौरान क्या-क्या जानकारी ली जाती है- बायोमेट्रिक अपडेट के समय बच्चे की नई फोटो ली जाती है. साथ ही उसके फिंगरप्रिंट और आंखों की स्कैनिंग की जाती है. यह सारी जानकारी UIDAI के डेटाबेस में अपडेट कर दी जाती है.

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5. कहां कराया जा सकता है अपडेट- यह प्रक्रिया नजदीकी Aadhaar Seva Kendra या अधिकृत आधार नामांकन केंद्र पर कराई जा सकती है. इसके लिए बच्चे का आधार नंबर और माता-पिता का पहचान पत्र साथ ले जाना जरूरी होता है.

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6. फीस से जुड़ी जरूरी जानकारी- 5 साल की उम्र में होने वाला पहला बायोमेट्रिक अपडेट पूरी तरह मुफ्त होता है. जबकि 15 साल की उम्र के बाद अपडेट कराने पर मामूली शुल्क लिया जा सकता है. समय पर यह काम पूरा करना ही सबसे बेहतर रहता है, ताकि आगे कोई परेशानी न हो.