गंगा एक्सप्रेस-वे (594 किमी): यह राज्य का सबसे लंबा और देश के प्रमुख एक्सप्रेस-वे में से एक है। 29 अप्रैल को पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया।
कुल 8 एक्सप्रेस वे, टोल केवल 7 पर

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यूपी में यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे संचालन में हैं। इसके अलावा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे हैं। वैसे से कुल 8 एक्सप्रेस-वे हुए लेकिन टोल केवल 7 पर ही लगता है। इसमें से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर कोई टोल नहीं लगता है।
इन 5 एक्सप्रेस-वे पर नहीं होगा मान्य

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यूपी में यमुना एक्सप्रेसवे (165 किमी), आगरा-लखनऊ (302 किमी), पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (341 किमी), बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (296 किमी) और गंगा एक्सप्रेसवे (594 किमी) पर FASTag एनुअल पास काम नहीं करेगा। यूपी में केवल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (96 किमी) पर FASTag एनुअल पास काम करेगा।
इन 5 पर क्यों नहीं करेगा काम

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केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, FASTag वार्षिक पास केवल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) के टोल प्लाजा पर ही मान्य है। राज्य सरकारों या स्थानीय एजेंसियों द्वारा प्रबंधित एक्सप्रेसवे, राज्य राजमार्ग (SH) आदि के टोल प्लाजा पर वार्षिक पास लागू नहीं होगा। ऊपर दिए गए पांचों एक्सप्रेस-वे को राज्य सरकार और लोकल एजेंसियों ऑपरेट करती हैं। इसलिए यहां फास्टैग एनुअल पास काम नहीं करेगा।
वार्षिक पास की कीमत

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सरकार ने 15 अगस्त, 2025 को FASTag वार्षिक पास लॉन्च किया था। उस समय इसकी कीमत ₹3,000 तय की गई थी, लेकिन अब बढ़कर ₹3,075 हो गई है। इसमें एक साल या 200 ट्रिप तक टोल फ्री यात्रा की सुविधा मिलती है.