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ईरान का राष्ट्रीय पशु कौन सा है, ये सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है. कई देशों की तरह ईरान ने आधिकारिक तौर पर किसी एक जानवर को राष्ट्रीय पशु घोषित नहीं किया है. इसी वजह से अलग-अलग स्रोतों में अलग-अलग जानवरों का नाम देखने को मिलता है. कुछ लोग शेर को ईरान का राष्ट्रीय पशु मानते हैं, जबकि कुछ जगहों पर हिरण या चीते का जिक्र किया जाता है.
शेर का ऐतिहासिक महत्व

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ईरान के इतिहास में एशियाई शेर (Asiatic Lion) की खास जगह रही है. प्राचीन फारसी साम्राज्य के समय से ही शेर को शक्ति और राजशाही का प्रतीक माना जाता था. 'लायन एंड सन' (Lion and Sun) नाम का प्रतीक ईरान के पुराने झंडे और शाही चिन्हों में शामिल था. इस चिन्ह में शेर के पीछे उगते हुए सूरज को दिखाया जाता था, जो शक्ति और प्रकाश का संकेत देता था. यह प्रतीक कई सदियों तक ईरान की पहचान बना रहा और आज भी इतिहास में इसकी गूंज सुनाई देती है.
शेर क्यों खास है?

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शेर को दुनिया भर में साहस, ताकत और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है, और ईरान में भी यही मान्यता रही है. फारसी साहित्य, कला और आर्किटेक्चर में शेर की छवि बार-बार दिखाई देती है. पुराने महलों, दीवारों और चित्रों में शेर को एक शक्तिशाली रक्षक के रूप में दर्शाया गया है.
फारसी फॉलो डियर (Persian Fallow Deer)

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फारसी फॉलो डियर एक बेहद खूबसूरत और दुर्लभ हिरण की प्रजाति है, जो मुख्य रूप से ईरान में पाई जाती है. यह जानवर कभी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गया था, लेकिन संरक्षण कोशिशों की वजह से इसकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है. कई आधुनिक स्रोतों में इसे ईरान के राष्ट्रीय पशु के रूप में भी बताया जाता है, क्योंकि ये देश की प्राकृतिक विरासत और बायो डायवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करता है.
एशियाई चीता (Asiatic Cheetah)

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एशियाई चीता दुनिया के सबसे दुर्लभ जानवरों में से एक है और आज केवल ईरान में ही पाया जाता है. इसकी संख्या बहुत कम रह गई है, इसलिए यह संरक्षण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण प्रजाति बन चुका है. ईरान सरकार और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इसे बचाने के लिए लगातार कोशिश कर रही हैं. यही वजह है कि एशियाई चीता को भी देश की पहचान और गौरव से जोड़ा जाता है.
फारसी तेंदुआ (Persian Leopard)

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फारसी तेंदुआ पश्चिम एशिया के सबसे बड़े तेंदुओं में से एक है और ईरान के पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है. यह अपनी ताकत, फुर्ती और अनुकूलन क्षमता के लिए जाना जाता है. हालांकि यह भी खतरे में पड़ी प्रजातियों में शामिल है, लेकिन ईरान में इसे बचाने के लिए कई प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं. कुल मिलाकर, अगर सीधी बात करें तो ईरान का कोई एक आधिकारिक राष्ट्रीय पशु नहीं है.
(All Photos Credit: Social Media)