
1 / 5
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं. रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पद संभालने के पहले ही दिन कई झूठे दावे किए. अगर यही रफ्तार जारी रही, तो वे अपने पहले कार्यकाल के 30,573 झूठे या भ्रामक बयानों का रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं.
ट्रंप ने कितने झूठ बोले?

2 / 5
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं. उनके कार्यकाल के दौरान मीडिया और फैक्ट-चेक संस्थाओं ने कई बार उनके दावों पर सवाल उठाए. एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में 30 हजार 573 गलत या भ्रामक दावे किए थे. नई रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने पद संभालने के पहले ही दिन करीब 20 झूठ बोले. ये दावे अलग-अलग मुद्दों-आर्थिक स्थिति, चुनाव, विदेश नीति और आंतरिक मामलों से जुड़े थे.
तोड़ सकते हैं रिकॉर्ड

3 / 5
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ट्रंप इसी स्पीड से बयान देते रहे, तो वे अपने पहले कार्यकाल के 30,573 झूठे या भ्रामक दावों का रिकॉर्ड भी पार कर सकते हैं. अमेरिका में कई फैक्ट-चेकिंग संस्थाएं और मीडिया हाउस नेताओं के बयानों की जांच करते हैं. ट्रंप के मामलों में भी कई दावों को गलत या भ्रामक बताया गया है. वाशिंगटन पोस्ट की जनवरी 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने अपने कार्यकाल के चार साल में औसतन रोज 21 झूठ बोले.
बार-बार बदलते दावे

4 / 5
ट्रंप पर आरोप है कि वे कई बार एक ही मुद्दे पर अलग-अलग आंकड़े पेश करते हैं. उदाहरण के तौर पर निवेश और अर्थव्यवस्था से जुड़े उनके दावे समय-समय पर बदलते रहे हैं, जिन्हें विशेषज्ञों ने झूठ बताया है. ट्रंप के ऐसे बयानों का असर अमेरिकी राजनीति पर भी पड़ता है. उनके समर्थक इन दावों को सही मानते हैं, जबकि विपक्ष और मीडिया इन पर सवाल उठाते हैं, जिससे राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ता है.
सोशल मीडिया की भूमिका

5 / 5
ट्रंप सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और वहीं से कई बड़े बयान देते हैं. इन्हीं प्लेटफॉर्म्स के जरिए उनके दावे तेजी से फैलते हैं, जिससे गलत जानकारी भी व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचती है. जहां आलोचक ट्रंप को फेक न्यूज फैलाने वाला बताते हैं, वहीं उनके समर्थक इसे सीधी और स्पष्ट राजनीति कहते हैं. यही वजह है कि उनके बयान हमेशा बहस का विषय बने रहते हैं.