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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हालिया हमलों के बाद ईरान की सैन्य व्यवस्था फिर चर्चा में आ गई है. कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि ईरान में दो अलग-अलग सैन्य ताकतें क्यों हैं और दोनों एक दूसरे से कैसे अलग हैं? इस स्टोरी में हम आपको ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के बीच क्या फर्क है और दोनों के काम के बारे में बताएंगे.
ईरान पर हमले के बाद बढ़ी सैन्य गतिविधियां

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इजराइल और ईरान के बीच टकराव की खबरों ने दुनिया को हैरान कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर समेत कई लोगों की मौत हुई, जिसके बाद से IRGC इजरायल और अमेरिकी बेस पर एक के बाद एक खतरनाक अटैक कर रहा है.
क्या है इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स

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इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, यानी IRGC ईरान की प्रमुख सैन्य संस्थाओं में से एक है. यह संगठन पारंपरिक सेना से अलग काम करता है और देश की इस्लामी व्यवस्था तथा राजनीतिक ढांचे की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है.
राष्ट्रपति को नहीं करते रिपोर्ट

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IRGC की सबसे खास बात यह है कि यह सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता को रिपोर्ट करता है. अनुमान है कि इस संगठन में करीब 1,25,000 से ज्यादा सैनिक और अधिकारी शामिल हैं, जिनके पास एक से बढ़कर एक खतरनाक हथियार मौजूद हैं.
बासिज मिलिशिया और कुद्स फोर्स भी इसके अधीन

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रिपोर्ट के अनुसार, IRGC के पास बासिज नामक अर्धसैनिक बल भी है, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शामिल होते हैं. इसके अलावा कुद्स फोर्स इसकी विदेशी शाखा मानी जाती है, जो मध्य-पूर्व के कई देशों में ईरान के सहयोगी समूहों के साथ काम करती है और क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने में भूमिका निभाती है.
क्यों अमेरिका ने IRGC को आतंकी समूह घोषित किया

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अमेरिका और कुछ अन्य देशों का आरोप है कि IRGC क्षेत्र में कई सशस्त्र समूहों को समर्थन देता है. इसी वजह से अमेरिका ने इसे विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है. हालांकि ईरान इस आरोप को खारिज करता है और इसे अपनी सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताता है.
ईरान की सेना क्या करती है

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ईरान की पारंपरिक सेना को आर्टेश कहा जाता है. इसमें थल सेना, नौसेना और वायुसेना शामिल हैं और इसका मुख्य काम देश की सीमाओं की रक्षा करना है. लगभग 3,50,000 कर्मियों वाली यह सेना पारंपरिक युद्ध, सुरक्षा और राष्ट्रीय रक्षा की जिम्मेदारी निभाती हैं. (Image: Pexels/AI)