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भारत व अन्य देशों में आपको सड़क किनारे कुछ ऐसे लोग दिख जाएंगे, जो लोगों से पैसे मांगते हैं, जिन्हें भिखारी कहा जाता है. भारत में भिखारी के पास कोई लाइसेंस नहीं होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं एक देश ऐसा भी है, जहां भीख मांगने के लिए भिखारियों को सरकार से लाइसेंस लेना पड़ता है. आइए जानते हैं इस अनोखे देश के बारे में.
हैरान कर देता है इस शहर का नियम

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अक्सर सरकारें भिखारियों की संख्या कम करने के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाती हैं. लेकिन दुनिया में एक ऐसा शहर भी है जहां भीख मांगना भी नियमों के तहत होता है. यहां किसी को भी सड़क पर भीख मांगने से पहले सरकारी अनुमति लेना जरूरी होता है, उसके बाद ही भिखारी वहां भीख मांग सकते हैं.
इस देश में लागू है ये अनोखा नियम

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यूरोप के देश स्वीडन के एस्किलस्टूना नाम के शहर में भीख मांगने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है. यहां अगर कोई व्यक्ति सड़क पर भीख मांगना चाहता है तो उसे पहले नगर प्रशासन से आधिकारिक अनुमति लेनी पड़ती है, उसके बाद ही वह भीख मांग सकता है.
कब लागू हुआ ये अनोखा कानून

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यह अनोखा नियम साल 2019 में लागू किया गया था. इसके बाद शहर में बिना लाइसेंस के भीख मांगना नियमों के खिलाफ माना जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस व्यवस्था का उद्देश्य शहर में भीख मांगने की गतिविधियों को कंट्रोल करना और व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है.
लाइसेंस के साथ मिलता है पहचान पत्र

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इस नियम के तहत भीख मांगने वाले व्यक्ति को लाइसेंस के साथ एक वैध पहचान पत्र भी दिया जाता है. इतना ही नहीं, भीख मांगने के लिए भिखारी को 250 स्वीडिश क्रोना देना होता है, ताकि उसे भीख मांगने का लाइसेसं मिल सके और वह भीख मांग सके.
क्या होगा इस नियम से?

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अधिकारियों के अनुसार इस नियम से उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि शहर में कितने लोग भीख मांग रहे हैं. इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने और उन्हें रोजगार के अवसर देने में भी आसानी होती है, ताकि शहर से भीख मांगने को खत्म किया जा सके. (Image: Pexels)