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दुनिया के हर देश में कहीं न कहीं गांव देखने को मिल ही जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं एक देश ऐसा भी जहां, आज एक भी गांव नहीं है. इस देश में सिर्फ आसमान छूती इमारतें हैं और लोगों की लग्जरी लाइफस्टाइल. आइए जानते हैं इस अनोखे देश के बारे में.
देश की संस्कृति है गांव

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किसी भी देश की संस्कृति उसके गांवों से देखी जाती है. जैसे भारत के गांव ही उसकी असली संस्कृति, परंपरा, एकता और सादगी को जीवित रखे हुए हैं, जहां आपसी प्रेम और सहयोग के साथ प्रकृति से जुड़ाव (कृषि) देखने को मिलता है.
हर देश में मिल जाता है गांव

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दुनिया के लगभग सभी देशों में आज भी लोग गांवों में जीते हैं. अमेरिका हो, भारत हो, चीन हो या कोई बड़ा देश सभी जगहों में गांव मौजूद है. यहां आज भी लोग रहते हैं, और सामान्य जीवन जी रहे हैं.
इस देश में नहीं है गांवों का नामोनिशान

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हम जिस देश की बात कर रहे हैं, इसका नाम सिंगापुर है. यह देश 100% शहरीकृत है और 'सिटी-स्टेट' (शहर-राज्य) में से एक है, जहां कोई पारंपरिक गांव या ग्रामीण इलाके नहीं हैं.
अपने इतिहास को पूरा उलट दिया सिंगापुर ने

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आपको जानकर हैरानी होगी कि सिंगापुर शुरुआत से ऐसा नहीं था. आज यहां इस देश का हर हिस्सा लगभग विकसित और आपस में जुड़ा हुआ है. रिपोर्ट बताते हैं कि इस देश की शुरुआत छोटे मछुआरे गांवों से हुई थी. रिपोर्ट की मानें तो कहा जाता है कि 1970 के दशक में इस देश में 200 से ज्यादा गांव हुआ करते थे.
अंग्रेजों ने बदला इस देश का हुलिया

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सिंगापुर को लेकर माना जाता है कि 19वीं सदी में जब यह देश ब्रिटिश व्यापारिक चौकी बना, तभी से इ, देश में विकास का काम तेजी से शुरू हुआ. प्रमुख समुद्री मार्गों के पास होने की वजह से इस देश ने बड़ी तरक्की और व्यापारिक केंद्र बन गया.
छोटी से छोटी जमीन का क्या सही इस्तेमाल

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इस देश में जमीन की भारी कमी है, लेकिन यहां की सरकार ने लोगों को अच्छी जिंदगी देने के लिए गांवों के बजाय हर लगभग हर जमीन पर ऊंची इमारतें, अस्पताल आदि सभी जरूरी सुविधाएं दी. यही वजह है कि 2026 में सिंगापुर दुनिया का सबसे जिम्मेदार राष्ट्र के तौर पर उभरा है. (Image: Pexels)