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Manoj Tiwary TMC: बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस पार्टी को बहुत बुरी हार मिली है. भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाई है. जिसके बाद से ही तृणमूल कांग्रेस पार्टी में टूट नजर आ रही है. पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने अब टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर बड़ा आरोप लगाया है. इसके साथ ही उन्होंने पार्टी छोड़ने का भी ऐलान कर दिया.
मनोज तिवारी ने लगाया बड़ा आरोप

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टीएमसी की हार के बाद मनोज तिवारी ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘इस करारी हार से मुझे बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई है. जब पूरी पार्टी ही भ्रष्टाचार में लिप्त हो और किसी भी क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ हो तो ऐसा होना ही था. सिर्फ वही लोग टिकट खरीद पाए जो भारी-भरकम रकम दे सकते थे. इस बार कम से कम 70 से 72 उम्मीदवारों ने टिकट पाने के लिए करीब पांच करोड़ रुपये दिए. मेरे से भी पैसे मांगे गए थे, लेकिन मैंने देने से मना कर दिया. यह तो देखिए कि जिन लोगों ने पैसे दिए उनमें से कितने लोग चुनाव जीत पाए
राजनीति में नहीं आना चाहते थे मनोज तिवारी

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बड़ा खुलासा करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि वो राजनीति में नहीं आना चाहते थे. उन्हें 2019 में लोकसभा चुनाव के लिए भी पूछा गया था. इस बारे में बोलते हुए मनोज तिवारी ने कहा, ‘उस समय मैं आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेल रहा था और रणजी ट्रॉफी में खेलने को लेकर गंभीर था जब दीदी (ममता) चाहती थीं कि मैं लोकसभा चुनाव लड़ूं. मैंने विनम्रता से मना कर दिया था, लेकिन 2021 के चुनावों से पहले दीदी ने एक बार फिर मुझे बुलाया और मुझे शिबपुर से चुनाव लड़ने के लिए कहा गया और मैंने सोचा कि मैं कुछ सार्थक बदलाव ला सकता हूं.’
कठपुतली बन गए थे मनोज तिवारी

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तृणमूल कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाते हुए मनोज तिवारी ने कहा, ‘मैंने ऐसी बैठकों में हिस्सा लिया है जहां तृणमूल के सभी मंत्रियों को बुलाया जाता था. मुझे राज्य मंत्री के नाम पर बस एक ‘लॉलीपॉप’ थमा दिया गया था, जिसका असल में कोई मतलब ही नहीं था. अगर मैं खड़ा होकर कहता, ‘दीदी, मैं आपका ध्यान एक खास समस्या की ओर दिलाना चाहता हूं तो वह बीच में ही हमें रोक देतीं और कहतीं, ‘मेरे पास तुम लोगों के लिए समय नहीं है.’
पार्टी से नाराज हैं मनोज तिवारी

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अपनी नाराजगी जताते हुए मनोज तिवारी ने कहा, ‘मौजूदा विधायक होने के नाते मैं अपने विधानसभा क्षेत्र में ड्रेनेज के काम के लिए हर जगह दौड़-भाग करता रहा लेकिन जिन लोगों ने सालों तक हावड़ा नगर पालिका पर कब्जा जमाए रखा और चुनाव नहीं होने दिए उन्होंने कभी इसकी परवाह नहीं की. वे बस विकास कार्यों में अड़ंगा डालते रहते थे जबकि वे बहुत ही बुनियादी काम थे.’
तिवारी का कट गया था टिकट

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शिबपुर से 2021 में मनोज तिवारी टीएमसी के टिकट पर चुनाव जीते थे. जिसके बाद उन्हें ममता सरकार में राज्य मंत्री भी बनाया गया था. हालांकि इस बार उनका टिकट कट गया था. जिसके कारण ही वो पार्टी से नाराज नजर आ रहे थे. अब उन्होंने बड़े आरोप लगाते हुए टीएमसी को छोड़ दिया है.