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248 रनों का पीछा करते हुए जीटी 29 रनों से पीछे रह गई और 20 ओवरों में 218/4 पर खत्म हुई. मैच के बाद क्रिकबज पर एक चर्चा के दौरान बोलते हुए, गावस्कर ने बताया कि केकेआर के लिए खास अंतर ये था कि केवल अजिंक्य रहाणे का स्ट्राइक रेट 100 था, जबकि बाकी सभी बल्लेबाजों ने 180 से ऊपर के स्ट्राइक रेट से रन बनाए.

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दूसरी तरफ जीटी के लिए, सिर्फ साई सुदर्शन का स्ट्राइक रेट 180 से ऊपर था, जबकि बाकी ऐसा करने में नाकाम रहे. 50 साल के रोहन गावस्कर ने कहा कि जब कोई टीम 240 से ऊपर के टारगेट का पीछा कर रही हो और कोई भी बल्लेबाज 200 से ऊपर के स्ट्राइक रेट से रन न बनाए, तो ऐसा नहीं होना चाहिए.

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उन्होंने कहा, 'मैं साफ तौर पर फर्क देख सकता हूं. अगर आप सच में बैटिंग में अंतर समझना चाहते हैं, तो बाकी सब कुछ भूल जाइए और स्ट्राइक रेट देखिए. KKR के लिए, अजिंक्य रहाणे इकलौते ऐसे बल्लेबाज थे जिनका स्ट्राइक रेट तकरीबन 100 था. बाकी सभी बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट 180 से ऊपर था. गुजरात टाइटंस के लिए, सिर्फ साई सुदर्शन का स्ट्राइक रेट 180 से ऊपर था. बाकी सभी बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट 180 से नीचे था.'

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उन्होंने आगे कहा, 'तो जब आप 240 रनों का पीछा कर रहे हों, तो ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक भी बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट 200 से ऊपर न हो. आप चाहते हैं कि एक या दो बल्लेबाज असरदार छोटी पारियां खेलें. भले ही कोई सिर्फ 25 रन बनाए, लेकिन वो पारी 200, 225, या यहां तक कि 250 के स्ट्राइक रेट से खेली जानी चाहिए. यहां, साई सुदर्शन का स्ट्राइक रेट तकरीबन 190 था, लेकिन किसी भी दूसरे बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट 180 से ज्यादा नहीं था.'

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ये कोलकाता नाइटराइडर्स की इस सीजन की 5वीं जीत थी, और अब केकेआर 12 मैचों में 11 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर है. बता दें कि बारिश की वजह से पंजाब किंग्स के खिलाफ एक मैच रद्द हो गया है.

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गुजरात टाइटंस की बात करें तो इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में अब तक इस टीम ने 13 में 8 मुकाबले जीते हैं, जिसके कारण प्वॉइंट्स टेबल में वो 16 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर हैं. ये एक अच्छी परफॉर्मेंस कही जाएगी, लेकिन अभी तक प्लेऑफ में उनकी जगह पक्की नहीं हुई है.