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हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के दौरान सफेद कपड़े पहनने की परंपरा सदियों पुरानी है. सफेद रंग को शांति, पवित्रता और आत्मिक शुद्धता का प्रतीक माना जाता है. लोगों के मन में अक्सर ये सवाल उठता है कि आखिर शोक के समय सफेद कपड़े ही क्यों पहने जाते हैं.
हिंदू धर्म में सफेद रंग का क्या महत्व है?

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हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, सफेद रंग सच्चाई, ज्ञान और सद्भाव का प्रतीक होता है. ये मन की शांति और आत्मा की पवित्रता को जाहिर करता है. माना जाता है कि मृत्यु के बाद आत्मा मोक्ष की ओर यात्रा शुरू करती है, इसलिए सफेद कपड़े पहनकर आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है.
शोक में रंगीन कपड़े पहनने से क्यों बचते हैं?

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भारतीय संस्कृति में रंगीन कपड़ों को खुशी और उत्सव का प्रतीक माना जाता है. वहीं शोक के वक्त व्यक्ति सांसारिक मोह-माया से दूर रहने के लिए सादे सफेद कपड़े पहनता है. यही वजह है कि अंतिम संस्कार में चमकीले रंगों से परहेज किया जाता है.
सिर्फ हिंदू धर्म में ही सफेद कपड़े पहने जाते हैं?

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नहीं, कई और धर्मों और संस्कृतियों में भी सफेद रंग को शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. जैन धर्म में भी सफेद कपडों का खास महत्व है. हालांकि पश्चिमी देशों में शोक के दौरान काले कपड़े पहनने की परंपरा ज्यादा प्रचलित है.
सफेद रंग देता है ये संदेश

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धार्मिक तौर से सफेद रंग ये संदेश देता है कि जीवन अस्थायी है और हर व्यक्ति को एक दिन इस संसार को छोड़ना होता है. इसलिए शोक के समय सफेद वस्त्र पहनकर जीवन की सच्चाई को स्वीकार करने का संकेत दिया जाता है.
(All Photos Credit: Social Media)