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Ganga Expressway: अब गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद कई तीर्थों के दर्शन आसान हो गए हैं. मेरठ से प्रयागराज तक गढ़मुक्तेश्वर, कल्कि धाम, चंद्रिका देवी शक्ति पीठ आदि कई तीर्थों की आपस में कनेक्टिविटी बढ़ेगी. बता दें कि, अब गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ से प्रयागराज तक लोग 6 घंटे में पहुंच सकेंगे.
गढ़मुक्तेश्वर

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मेरठ से गढ़मुक्तेश्वर की दूरी करीब 60 किलोमीटर है. अब इस गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद इस दूरी को तय करने में कम समय लगेगा. गढ़मुक्तेश्वर उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में स्थित एक प्राचीन और पवित्र तीर्थस्थल है.
कल्कि धाम

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उत्तर प्रदेश के मेरठ से कल्कि धाम की दूरी करीब 120 किलोमीटर है. गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए लोगों को संभल स्थित कल्कि धाम पहुंचना आसान होगा. यह मंदिर उत्तर प्रदेश के संभल में भगवान विष्णु के 10वें और अंतिम अवतार कल्कि भगवान को समर्पित है. यह मंदिर भगवान के अवतरण से पूर्व ही बन रहा है.
बेल्हा देवी धाम

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मां बेल्हा देवी धाम का विशेष धार्मिक महत्व है. यह मंदिर उत्तर प्रदेश के बेला प्रतापगढ़ में स्थित है. मेरठ से इस मंदिर की दूरी 600 किलोमीटर से अधिक है. अब गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यहां तक का सफर आसान होगा.
चंद्रिका देवी शक्ति पीठ

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मेरठ से चंद्रिका देवी शक्ति पीठ की दूरी करीब 580 किलोमीटर है. गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए यहां पहुंचना आसान होगा. यह मंदिर लखनऊ के बख्शी के तालाब क्षेत्र में गोमती नदी के तट पर है. चंद्रिका देवी शक्ति पीठ लोकप्रिय तीर्थ स्थलों में से एक है.
त्रिवेणी संगम

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मेरठ से प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम की दूरी 600 किलोमीटर से अधिक है. अब मेरठ से प्रयागराज के बीच गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद प्रयागराज त्रिवेणी संगम पहुंचना आसान होगा. प्रयागराज त्रिवेणी संगम का विशेष धार्मिक महत्व है. त्रिवेणी संगम पर गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों का पवित्र मिलन होता है. ऐसी मान्यता है कि, त्रिवेणी संगम में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है.