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Kamal Amrohi Film Pakeezah BTS: भारतीय सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनके पर्दे के पीछे के किस्से जानकर आपके होश उड़ जाएंगे. जैसे कि मशहूर फिल्म पाकीजा के कुछ किस्से वायरल हुए, जिसमें निर्देशक कमाल अमरोही के जुनून ने 433 मुर्गे और 45 बकरे कटवा दिए थे.

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भारतीय सिनेमा कई मशहूर किस्से, कहानियों से भरा हुआ है. कल्ट क्लासिक फिल्मों के पीछे डायरेक्टरों और निर्माताओं की मेहनत और जुनून उनसे कई सारी अजीबो गरीब चीजें करवाने की क्षमता रखता था. (Credit- Pinterest)

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ऐसा ही एक उदाहरण, सुपरहिट फिल्म पाकीजा का है, जिसको बनाते समय उन्होंने 433 मुर्गों और 45 बकरों की बली देते समय एकबार भी नहीं सोचा था. उनके पर्फेक्शन के चक्कर में इतने जानवरों की जान ली गई थी. आइए जानते हैं पीछे की पूरी कहानी. (Credit- Pinterest)

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निर्देशक कमाल अमरोही बहुत बड़े परफेक्शनिस्ट थे. वे चाहते थे कि फिल्म में हर चीज बिल्कुल असली लगे. उन्होंने अपने 45 साल के करियर में सिर्फ चार फिल्में बनाईं, लेकिन हर फिल्म यादगार रही. उनकी हर फिल्म को बनने में सालों लग जाते थे. (Credit- Pinterest)

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जैसे कि पाकीजा फिल्म को ही बनने में उनको कुल 18 साल लग गए. इस दौरान उन्होंने अपनी सारी जिंदगी और मेहनत इस फिल्म को बनाने में लगा दी. हर सीन को वो कैमरा में बिल्कुल रियल दिखाना चाहते थे. (Credit- Pinterest)

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फिल्म में ऐसा ही एक सीन था, जिसमें शाही भोज यानी राजसी दावत दिखाई गई. कमाल अमरोही चाहते थे कि यह सीन देखकर सबको सच में महसूस हो कि यह कोई असली शाही खाना है. इसलिए उन्होंने सेट पर असली खाना तैयार करवाया. इसमें डेढ़ टन बिरयानी और कई तरह के शाही व्यंजन बनाए गए. (Credit- Pinterest)

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उस शाही भोज के लिए उन्होंने 433 मुर्गे और 45 बकरे कटवाए. कुछ जगहों पर लिखा है कि 455 मुर्गे भी इस्तेमाल हुए. इतने जानवर इसलिए क्योंकि वे चाहते थे कि खाने की खुशबू, दिखावट और स्वाद सब कुछ सही हो. सेट पर मौजूद कलाकारों और क्रू को असल शाही महसूस हो. यह उनकी जिद का सबसे बड़ा उदाहरण था. (Credit- Pinterest)

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इस फिल्म में मुख्य भूमिका मीना कुमारी ने निभाई थी. कमाल अमरोही और मीना कुमारी की जोड़ी ने फिल्म को दिल छू लेने वाली बनाया. मीना कुमारी ने अपनी जिंदगी के आखिरी दिनों में इस फिल्म को पूरा किया. कमाल की सख्ती के कारण कई बार विवाद भी हुए, लेकिन अंत में फिल्म इतिहास बन गई. (Credit- Pinterest)

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बता दें कि पाकीजा फिल्म के हर कॉस्ट्यूम, डॉयलॉग और उर्दू शायरी पर काफी बारीकी से किया गया है, जो आज इतने साल बाद भी फिल्म में साफ तौर से देखा जा सकता है. कम साधनों के बाद भी कमाल अमरोही ने अपनी इस फिल्म में पूरी जान झोंक दी थी. (Credit- Pinterest)