
1 / 5
कई बार जब हम ट्रेन से किसी जगह के लिए यात्रा कर रहे होते हैं तो हम अक्सर देखते हैं कि ट्रेन लेट हो जाती है. तो अब इसी समस्या को लेकर भारतीय रेलवे ने ट्रेनें समय से चलाने को लेकर बड़ा कदम उठाया है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) जोन ने 100 से अधिक ट्रेनों के समय में बदलाव किया है.
लंबी दूरी की कई ट्रेनें हैं शामिल

2 / 5
बता दें कि इन ट्रेनों में मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर, डीएमयू और लंबी दूरी की कई रेलगाड़ियां शामिल हैं. नए टाइम-टेबल का असर दिल्ली, कोलकाता, अगरतला, आनंद विहार टर्मिनल, गोमती नगर, बेंगलुरु और सैरंग जैसे प्रमुख गंतव्यों को जोड़ने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला ट्रेनों की देरी कम करने और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा अनुभव देने के उद्देश्य से लिया गया है.
कौन से स्टेशनों पर हुआ समय में बदलाव?

3 / 5
रेलवे ने जिन प्रमुख स्टेशनों पर समय में बदलाव लागू किया है, उनमें गुवाहाटी, कामाख्या, लुमडिंग, न्यू हाफलोंग, बदरपुर, डिब्रूगढ़, न्यू तिनसुकिया, रंगिया, सिलचर और अगरतला शामिल हैं. रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा के अनुसार, कई पैसेंजर और डीएमयू सेवाओं को भी नए समय के अनुसार रिशेड्यूल किया गया है ताकि अलग-अलग सेक्शनों में ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु हो सके. रेलवे का मानना है कि इससे सेक्शनल रनिंग टाइम मैनेटमेंट बेहतर होगा और ट्रेनों की समयपालन क्षमता में सुधार आएगा.
क्यों बदलनी पड़ी ट्रेनों की टाइमिंग?

4 / 5
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हाल के वर्षों में ट्रेनों की बढ़ती संख्या और व्यस्त रेल मार्गों के कारण समयपालन एक बड़ी चुनौती बन गया था. इसी को देखते हुए अलग-अलग रेलवे जोन लगातार टाइम टेबल में बदलाव कर रहे हैं. इससे पहले दक्षिण पश्चिम रेलवे और दक्षिण रेलवे भी कई ट्रेनों की गति बढ़ाने और उनके शेड्यूल में बदलाव की घोषणा कर चुके हैं. रेलवे का उद्देश्य यात्रा समय घटाना, जंक्शनों पर बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना और आवाजाही में देरी को कम करना है. कई एक्सप्रेस ट्रेनों को सुपरफास्ट कैटेगरी में भी बदला गया है ताकि यात्रियों को कम समय में गंतव्य तक पहुंचाया जा सके.
ट्रेन का समय जांच लें यात्री-रेलवे

5 / 5
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले वे अपनी ट्रेन का नया समय अवश्य जांच लें. इसके लिए एनटीईएस (नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम), पीआरएस पूछताछ प्रणाली या नजदीकी रेलवे स्टेशन से जानकारी ली जा सकती है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बदले टाइम-टेबल से ट्रेनों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा. आने वाले समय में भारतीय रेलवे पूरे नेटवर्क में समय के पालन के लिए इसी तरह के और कदम उठा सकता है.