अगर स्पेस में बनीं इंसानी कॉलोनी तो कैसे होंगे वहां घर? धरती से कितना अलग होगा वहां का नजारा
सोचिए कि आप एक ऐसे घर में जागते हैं जहां पर बिना सुरक्षा के बाहर कदम रखना तत्काल खतरे की वजह बन सकता है. अंतरिक्ष में बसीं मानव बस्तियां घर की परीभाषा को पूरी तरह से बदल देंगी. आइए जानते हैं कि अगर स्पेस में इंसानी कॉलोनी बनी तो वहां पर बसने वाले घर कैसे होंगे.

अंतरिक्ष पर बने घर हो सकते हैं सील बंद
2 / 6पृथ्वी पर बने घरों के उलट जो प्राकृतिक वायु और मौसम प्रणालियों पर निर्भर होते हैं अंतरिक्ष घरों को पूरी तरह से सील बंद और वायु रोधी बनाया जा सकता है. दबाव और ऑक्सीजन के स्तर को बनाए रखने के लिए अंदर की हवा के हर मॉलिक्यूल को काफी नियंत्रित किया जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि हल्का सा रिसाव भी बड़ा विनाशकारी साबित हो सकता है.
अंतरिक्ष में होगा मंगल की मिट्टी जैसे संसाधनों का इस्तेमाल
3 / 6पृथ्वी से निर्माण सामग्री का परिवहन महंगा है. इस वजह से वैज्ञानिक चंद्रमा या फिर मंगल की मिट्टी जैसे संसाधनों का ही इस्तेमाल करेंगे. एडवांस्ड 3D प्रिंटिंग तकनीक से पूरे घर का निर्माण किया जा सकता है. इससे लागत कम होगी और कॉलोनी का तेजी से विस्तार मुमकिन हो पाएगा.
अंतरिक्ष में भरा हानिकारक कॉस्मिक रेडिएशन
4 / 6वहीं, अंतरिक्ष हानिकारक कॉस्मिक रेडिएशन से भरा हुआ है. यह मानव कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे बचने के लिए घरों में या तो मोटी सुरक्षात्मक दीवारें होंगी या फिर उन्हें भूमिगत बनाया जाएगा.
अंतरिक्ष में नहीं पृथ्वी जैसा गुरुत्वाकर्षण
5 / 6अंतरिक्ष में पृथ्वी जैसा गुरुत्वाकर्षण नहीं है इस वजह से भविष्य की कॉलोनियां अपकेंद्रीय बल का इस्तेमाल करके आर्टिफिशियल ग्रेविटी उत्पन्न करने के लिए घूम सकती हैं. दरअसल कुछ डिजाइन पहिए की तरह घूमने वाले होंगे जिससे नकली गुरुत्वाकर्षण बनाया जा सके. इससे निवासियों को चलने, सोने और सामान्य रूप से काम करने में मदद मिलेगी.
अंतरिक्ष में नहीं होगा कुछ भी बर्बाद
6 / 6अंतरिक्ष में कुछ भी बर्बाद नहीं किया जा सकता है. पानी, ऑक्सीजन और यहां तक की शारीरिक तरल पदार्थ को भी 98% तक की एक्सट्रीम एफिशिएंसी के साथ रीसायकल किया जाएगा. यह बंद लूप प्रणाली स्थिरता को मजबूत करती है. इससे अंतरिक्ष के घर पृथ्वी पर मौजूद किसी भी घर की तुलना में संसाधनों के प्रति काफी ज्यादा सजग होंगे.