आसमान से गिरने वाली बिजली प्रकृति के सबसे शक्तिशाली और डरावने रूपों में से एक है. जहां हमारे घरों में इस्तेमाल होने वाली कृत्रिम बिजली महज 220-240 वोल्ट की होती है, वहीं बादलों से निकलने वाली बिजली की ताकत बहुत ज्यादा मापी जाती है. यह न केवल ऊंचे पेड़ों को राख बना देती है, बल्कि इंसानी शरीर के संपर्क में आते ही उसे सेकेंडों में खत्म कर सकती है. आखिर इस आसमानी बिजली में कितना करंट होता है? इसकी लंबाई कितनी होती है और यह कब सबसे ज्यादा गिरती है?
करोड़ों वोल्ट का झटका

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क्या आप जानते हैं कि आपके घरों में आने वाली बिजली 220 वोल्ट की होती है, लेकिन आसमानी बिजली में लगभग 10 करोड़ वोल्ट का करंट होता है. यही वजह है कि यह बेहद जानलेवा होती है.
अकल्पनीय एम्पियर

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वोल्ट के साथ-साथ इसका एम्पियर (करंट का बहाव) भी डराने वाला है. आसमानी बिजली 30,000 एम्पियर से भी ज्यादा करंट पैदा करती है, जिसका मुकाबला दुनिया का कोई पावर हाउस नहीं कर सकता.
किलोमीटर लंबी बिजली

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बादलों से जमीन तक आने वाली इस बिजली की लंबाई जानकर आप दंग रह जाएंगे. एक सामान्य आसमानी बिजली 4 से 5 किलोमीटर लंबी तक हो सकती है.
सेकेंड में राख

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यह बिजली इतनी शक्तिशाली होती है कि अगर किसी हरे-भरे पेड़ पर गिर जाए, तो उसे पल भर में जलाकर राख बना देती है. इंसानी शरीर तो इसके प्रभाव को झेलने की कल्पना भी नहीं कर सकता.
दोपहर में ज्यादा खतरा

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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं अक्सर बारिश के दौरान दोपहर के समय सबसे ज्यादा होती हैं. खुले मैदानों और ऊंचे पेड़ों पर इसका खतरा सबसे अधिक रहता है.
सीधे जमीन पर प्रहार

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बादलों के घर्षण से पैदा हुई यह ऊर्जा सीधे जमीन की ओर आकर्षित होती है. इसकी रफ्तार इतनी तेज होती है कि इंसान को संभलने या पलक झपकने का मौका भी नहीं मिलता.