क्या सच में ईरान में चलता है 1 करोड़ का नोट, भारत रुपये में कितनी होती है कीमत?

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रही जंग लगातार जारी है. इस बीच ईरान से एक खबर सामने आई है. दरअसल, ईरान ने युद्ध के बीच एक करोड़ का नोट जारी किया है. वहीं, देखा जाए तो यह संख्या किसी को भी सुनने में बहुत ज्यादा बड़ी लगेगी, लेकिन क्या किसी ने सोचा है कि क्या एक करोड़ का नोट भी होता है. आइए जानते हैं कि आखिर ईरान ने युद्ध के बीच यह कदम क्यों उठाया है.

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ईरान ने जारी किया एक करोड़ का नोट

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ईरान ने बढ़ती महंगाई और कैश की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए आधिकारिक तौर पर एक करोड़ का नोट जारी कर दिया है. हालांकि यह नोट देखने में काफी बड़ी कीमत वाला लगता है लेकिन दुनिया के हिसाब से इसकी असली खरीदने की ताकत काफी कम है. यह दिखाता है कि समय के साथ ईरानी रियाल कितनी तेजी से कमजोर हो गया है.

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तो ईरान ने क्यों जारी किया 1 करोड़ का नोट?

तो ईरान ने क्यों जारी किया 1 करोड़ का नोट?3 / 5

ईरान में चल रहे युद्ध के कारण महंगाई भी जोरों पर है. जैसे-जैसे कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है वैसे-वैसे रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे नोटों का इस्तेमाल किसी काम नहीं आ रहा है. लोगों को रोज की छोटी-छोटी चीजें खरीदने के लिए भी कैश के बड़े-बड़े बंडल साथ लेकर चलने पड़ रहे हैं. इस बोझ को कम करने और लेनदेन को आसान बनाने के लिए ही अधिकारियों ने ज्यादा कीमत वाले नोट जारी किए हैं.

क्या है नोट की असलियत?

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इसकी बड़ी कीमत होने के बावजूद भी 10 मिलियन रियाल की कीमत भारतीय मुद्रा में मात्र 650 रुपये से 725 रुपये है. छपी हुई कीमत और असली कीमत के बीच का यह अंतर साफ दिखाता है कि महंगाई ने करेंसी की ताकत को कितना कम कर दिया है. अगर हम आसान भाषा में समझें तो यह नोट देखने में काफी बड़ा लग सकता है लेकिन इससे काफी कम सामान खरीदा जा सकता है.

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बढ़ती कीमत है असली दिक्कत

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दरअसल, ईरान में महंगाई ने रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतों को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है. आटे की कीमत लगभग 5,20,000 रियाल प्रति किलोग्राम है. वहीं इसके अलावा चावल की कीमत 2,00,000 रियाल तक पहुंच सकती है. इसी के साथ दूध लगभग 6 लाख रियाल प्रति लीटर बिक रहा है. आम नागरिकों के लिए यह स्थिति उलझन और आर्थिक तनाव को पैदा कर रही है. बचत की कीमत तेजी से कम हो रही है और घर का खर्च चलाना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है. भले ही बड़े नोट लेन-देन को आसान बनाते हैं लेकिन वह बढ़ती कीमतों की गहरी समस्या को हल नहीं कर सकते.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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