गुस्से में क्यों रोने लगती हैं महिलाएं? इसकी वजह हार्मोन तो बिल्कुल नहीं, असलियत का हुआ खुलासा

गुस्से के दौरान अचानक आंसू छलक आना कई महिलाओं के लिए आम होता है, लेकिन इसकी वजह को सिर्फ हार्मोन बता देना ठीक नहीं. सच्चाई इससे कहीं ज्यादा शॉकिंग है, जो शायद आपको भी नहीं पता होगी. मनोवैज्ञानिकों और डॉक्टरों की मानें तो महिलाओं का गुस्से में रोना सिर्फ हार्मोन की वजह से नहीं होता. आइए जानते हैं इसके पीछे की असली वजह.

why women cry when angry
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गुस्से के दौरान अचानक आंसू छलक आना कई महिलाओं के लिए आम होता है, लेकिन इसकी वजह को सिर्फ हार्मोन बता देना ठीक नहीं. सच्चाई इससे कहीं ज्यादा शॉकिंग है, जो शायद आपको भी नहीं पता होगी. मनोवैज्ञानिकों और डॉक्टरों की मानें तो महिलाओं का गुस्से में रोना सिर्फ हार्मोन की वजह से नहीं होता. आइए जानते हैं इसके पीछे की असली वजह.

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गुस्से में क्यों रोती हैं महिलाएं?

गुस्से में क्यों रोती हैं महिलाएं?2 / 7

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. दीपिका शर्मा ने बताया कि जब कोई महिला गुस्से में होती है तो अक्सर उसके अंदर कई भावनाएं एक साथ उमड़ती हैं. असहायता, आहत होना, न सुना जाना और निराशा जैसे भाव मस्तिष्क पर भारी पड़ जाते हैं. रोना इस भावनात्मक ओवरलोड को प्रोसेस करने का मस्तिष्क का प्राकृतिक तरीका है, जो तनाव को कम करने में मदद करता है.

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बचपन से मिली ट्रेनिंग का नतीजा

बचपन से मिली ट्रेनिंग का नतीजा3 / 7

महिलाओं को बचपन से ही सिखाया जाता है कि अपनी भावनाओं को रोकर व्यक्त करें, जबकि पुरुषों को आंसू रोकने की सलाह दी जाती है. यह सामाजिक कंडीशनिंग वयस्क होने पर भी जारी रहती है. नतीजतन गुस्से की स्थिति में महिलाओं के आंसू ज्यादा आसानी से निकल आते हैं, जो कमजोरी की निशानी नहीं, बल्कि बचपन की दिमाग में बैठी उस सीख का नतीजा है.

तनाव और भावनात्मक थकान का भी योगदान

तनाव और भावनात्मक थकान का भी योगदान4 / 7

जब कोई महिला पहले से तनावग्रस्त, नींद की कमी या भावनात्मक रूप से थकी हुई होती है, तो छोटी-सी बात पर भी आंसू आ जाते हैं. इस स्थिति में भावनात्मक सीमा कम हो जाती है. मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे में रोना नर्वस सिस्टम को शांत करने का प्राकृतिक तरीका बन जाता है.

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हार्मोन का कितना प्रभाव?

हार्मोन का कितना प्रभाव?5 / 7

हार्मोन जैसे एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और कोर्टिसोल मूड को प्रभावित जरूर करते हैं, खासकर पीरियड्स से पहले. एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका शर्मा के अनुसार, यह केवल एक हिस्सा है. गुस्से में रोने का मुख्य कारण भावनात्मक प्रोसेसिंग और तनाव प्रतिक्रिया है, न कि सिर्फ हार्मोन की वजह से ऐसा होता है.

गुस्से को दबाने की आदत

गुस्से को दबाने की आदत6 / 7

महिलाएं अक्सर गुस्से को अंदर ही अंदर दबाती हैं, जिसके कारण फ्रस्ट्रेशन बढ़ता जाता है. जब यह दबाव ज्यादा हो जाता है तो आंसुओं के रूप में बाहर निकलता है. गाइनोकोलॉजिस्ट डॉ. ईशा नंदल कहती हैं कि यह नर्वस सिस्टम की ऊर्जा रिलीज करने की प्रक्रिया है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहतर है.

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क्या बार-बार रोना है टेंशन की बात?

क्या बार-बार रोना है टेंशन की बात?7 / 7

कभी-कभी गुस्से में रोना सामान्य है, लेकिन अगर यह बहुत बार हो रहा हो, तो पीएमएस, पीएमडीडी, थायरॉइड या क्रॉनिक स्ट्रेस जैसी समस्या हो सकती है. ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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