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Mount Everest Hindi Name: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट है जिसे हम सभी हमेशा से माउंट एवरेस्ट के नाम से ही जानते हैं. द ग्रेट ट्रिगनोमेट्रिक सर्वे ऑफ इंडिया ने 19वीं सदी में इसे गामा और बाद में पीक बी कहा था. माना गया कि पीक बी दुनिया की सबसे ऊंची चोटी है और कंचनजंगा से थोड़ी ऊंची है जोकि उस समय तक दुनिया की सबसे ऊंची चोटी थी. कुछ और सर्वे किए गए और इसे पीक XV नाम दिया गया. इसके बाद उस समय के सर्वेयर जनरल ऑफ इंडिया जॉर्ज एवरेस्ट को इंडियन सब्कोटिंनेंट को नापने का काम दिया गया मगर असल काम गणितज्ञ राधानाथ सिकदार ने किया था. हालांकि, अब पीक XV का नाम जॉर्ज एवरेस्ट के नाम पर माउंट एवरेस्ट रख दिया गया. लेकिन, क्या आप जानते हैं माउंट एवरेस्ट का असली या कहें ब्रिटिश सर्वे से पहले क्या नाम था?
माउंट एवरेस्ट को सर्वे से पहले क्या कहा जाता था

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माउंट एवरेस्ट के सर्वे से पहले इसका तिब्बती नाम चोमुलुमंगा था. चोमुलुमंगा का अर्थ है विश्व की देवी. तिब्बती लोग हमेशा से इस पर्वत को इसी नाम से जानते थे.
माउंट एवरेस्ट का नेपाली नाम

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माउंट एवरेस्ट का नेपाली नाम सागरमाथा है. इसका अर्थ है आकाश की देवी. सागरमाथा को 1960 में नेपाल सरकार ने औपचारिक कर दिया था.
सिकदार के नाप पर माउंट एवरेस्ट का नाम बदलने की मांग

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बहुत से तर्कविदों का मत है कि माउंट एवरेस्ट का नाम इसे मापने वाले राधानाथ सिकदार के नाप पर रखा जाएगा. बराक ओबामा ने भी नॉर्थ अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी का नाम माउंट डेनली रख दिया था.
क्या भारत बदल सकता है माउंट एवरेस्ट का नाम

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माउंट एवरेस्ट भारत में नहीं है और इसीलिए इसका नाम भारत नहीं बदल सकता है. अगर भारत चीन और नेपाल को मना ले तो सभी नामों को मिलाकर माउंट एवरेस्ट का नाम बदलने की मांग की जा सकती है.
कितना ऊंचा है माउंट एवरेस्ट

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माउंट एवरेस्ट पृथ्वी की सबसे ऊंची चोटी है. यह पर्वत समुद्र तल से 8,848.86 मीटर ऊंचा है. यह नेपाल और तिब्बत की सीमा पर हिमालय पर्वतमाला में स्थित है.