इन बीमारियों का रामबाण इलाज है नई ब्याई गाय-भैंस का दूध, जानें इसके फायदे
पशु के ब्याने के बाद निकलने वाला गाढ़ा पीला दूध सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. पोषण से भरपूर यह दूध किन गंभीर बीमारियों में रामबाण का काम करता है?

पशु के ब्याने के तुरंत बाद जो गाढ़ा और पीला दूध निकलता है उसे ही खीस या कोलोस्ट्रम कहा जाता है. यह साधारण दूध के मुकाबले कई गुना ज्यादा शक्तिशाली होता है जिसे सेहत के लिए रामबाण माना गया है.
इसमें क्या है खास बात?
2 / 6खीस में सामान्य दूध की तुलना में 5 गुना अधिक प्रोटीन और 15 गुना ज्यादा विटामिन ए मौजूद होता है. इसके पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर उसे फौलादी बनाने का काम बखूबी करते हैं.
कैसे बढ़ती है ताकत?
3 / 6इसमें भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम और खनिज तत्वों के साथ लैक्टोफेरिन जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं. यह खास मेल शरीर को बाहरी इन्फेक्शन से लड़ने की जबरदस्त ताकत देता है और थकान दूर करता है.
पाचन में कैसे है मददगार?
4 / 6खीस का सबसे बड़ा गुण यह है कि यह कमजोर पाचन तंत्र को लोहे जैसा मजबूत बना देता है. इसमें मौजूद एंटीबॉडी पेट की गंदगी को साफ करते हैं और दस्त जैसी बीमारियों में तुरंत राहत देते हैं.
क्या शुगर में भी है असर?
5 / 6मधुमेह यानी डायबिटीज के मरीजों के लिए भी इस दूध का सेवन करना बेहद उपयोगी और असरदार माना गया है. यह शरीर में इंसुलिन के स्तर को संतुलित रखने और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है.
क्यों है यह अमृत समान?
6 / 6पुराने समय से ही खीस को दवा की तरह इस्तेमाल किया जाता रहा है क्योंकि यह कुदरती गुणों का खजाना है. छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए यह दूध एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.