
1 / 6
पशु के ब्याने के तुरंत बाद जो गाढ़ा और पीला दूध निकलता है उसे ही खीस या कोलोस्ट्रम कहा जाता है. यह साधारण दूध के मुकाबले कई गुना ज्यादा शक्तिशाली होता है जिसे सेहत के लिए रामबाण माना गया है.
इसमें क्या है खास बात?

2 / 6
खीस में सामान्य दूध की तुलना में 5 गुना अधिक प्रोटीन और 15 गुना ज्यादा विटामिन ए मौजूद होता है. इसके पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर उसे फौलादी बनाने का काम बखूबी करते हैं.
कैसे बढ़ती है ताकत?

3 / 6
इसमें भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम और खनिज तत्वों के साथ लैक्टोफेरिन जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं. यह खास मेल शरीर को बाहरी इन्फेक्शन से लड़ने की जबरदस्त ताकत देता है और थकान दूर करता है.
पाचन में कैसे है मददगार?

4 / 6
खीस का सबसे बड़ा गुण यह है कि यह कमजोर पाचन तंत्र को लोहे जैसा मजबूत बना देता है. इसमें मौजूद एंटीबॉडी पेट की गंदगी को साफ करते हैं और दस्त जैसी बीमारियों में तुरंत राहत देते हैं.
क्या शुगर में भी है असर?

5 / 6
मधुमेह यानी डायबिटीज के मरीजों के लिए भी इस दूध का सेवन करना बेहद उपयोगी और असरदार माना गया है. यह शरीर में इंसुलिन के स्तर को संतुलित रखने और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है.
क्यों है यह अमृत समान?

6 / 6
पुराने समय से ही खीस को दवा की तरह इस्तेमाल किया जाता रहा है क्योंकि यह कुदरती गुणों का खजाना है. छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए यह दूध एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.