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DTC Bus Code List: दिल्ली की सड़कों पर आपने यकीनन बसें चलती हुई देखी होंगी और कभी ना कभी बस में बैठकर सफर भी किया होगा. DTC बस का नाम को आपने सुना होगा, जिसे आपने कुछ नंबर और अक्षर लिखे तो देखे ही होंगे. यही नंबर रूट बताने का काम करते हैं और नंबर से अपनी मंजिल की पहचान करना आसान हो जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन कोड्स का असली मतलब क्या होता है? ये सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि पूरी जानकारी का एक सिस्टम है. आइए जानते हैं इससे जुड़े 5 खास फैक्ट्स.
राज्य की पहचान

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अगर आपने बस पर DL लिखा हुआ देखा है तो बता दें इसका मतलब दिल्ली है. यह कोड राज्य की पहचान दिलाने का काम करता है और बस के स्टेट रजिस्ट्रेशन को भी दिखाने का काम करता है.
कमर्शियल पैसेंजर कोड

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DL के अलावा आपने बस पर 1P, 1PC या 1PD भी देखा होगा. इसका मतलब होता है कि यह बस कमर्शियल पैसेंजर कैटेगरी में आती है. यह सरकारी परिवहन बसों के लिए खास कोड होता है.
फ्लीट नंबर

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हर बस का अलग फ्लीट नंबर होता है, जो उस बस की यूनिक पहचान होती है. इससे आपको पता चल सकता है कि बस कब खरीदी गई थी, इसका क्या मॉडल था और इसकी क्या सर्विस हिस्ट्री रही है.
रूट नंबर के साथ कोड

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बस के कोड के साथ कुछ नंबर भी लिखे होते हैं, जो रूट नंबर के नाम से जाना जाता है. साइड में लिखा रूट नंबर (जैसे 534, 620) यह बताता है कि बस किस रूट पर चल रही है. दिल्ली में हर रूट नंबर एक फिक्स्ड रूट से जुड़ा होता है.
बस के रंग के आधार पर कोड

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DTC बसों के रंग और कुछ कोड यह भी बताते हैं कि बस किस तरह की है जैसे- हरी इलेक्ट्रिक बस होती है और लाल बस का मतलब होता है कि इसमें एसी की सुविधा नहीं है. वहीं, नीली या ऑरेंज बस एसी वाली होती हैं.