Monsoon Diet: बरसात के मौसम में खानपान का सबसे ज्यादा ख्याल रखने की कोशिश की जाती है. अगर खाना खराब हो जाए, उसमें फफूंद लग जाए या वो संक्रमित हो जाए तो तबीयत बिगड़ते देर नहीं लगती है. खासकर इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि खाने की हर चीज एकदम से खराब नहीं होती है बल्कि धीरे-धीरे खराब होती है और इस प्रक्रिया में भी इन चीजों को खा लिया जाए तो तबीयत बिगड़ जाती है. ऐसे में यहां उन फूड्स का जिक्र किया जा रहा है जिन्हें बरसात के मौसम में फ्रिज से बाहर ज्यादा देर नहीं रखना चाहिए. इन फूड्स को ज्यादा देर तक फ्रिज के बाहर रखने से ये तेजी से खराब हो जाते हैं.
पके हुए चावल

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बारिश का मौसम हो तो पके हुए चावल को किचन में बाहर स्लैब पर ना रखें बल्कि फ्रिज में रखें. चावल में एक तरह का बैक्टीरियम होता है जो पकाने के दौरान नष्ट नहीं होता. जब चावल को ज्यादा देर बाहर रखा जाता है, खासकर गर्म और ह्यूमिड मौसम में, तो ये बैक्टीरियम बढ़ने लगते हैं और चावल को टॉक्सिक बनाते हैं.
कटे हुए फल

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बरसात में फलों को काटकर बाहर ना छोड़ें. ये फल बैक्टीरिया और फंगस के लिए परफेक्ट जगह बन जाते हैं. ऐसे में फलों को काटकर रखना है तो हमेशा फ्रिज में ही रखें.
पकी दाल

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पकी हुई दाल या ग्रेवी वाली सब्जी को इस मौसम में एकसाथ बहुत ज्यादा बनाने से परहेज करें. साथ ही, इन्हें बाहर रखने से परहेज करें क्योंकि इनमें बैक्टीरियल ग्रोथ हो सकती है.
दूध और दूध से बनी चीजें

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दूध और दूध से बनी चीजों को भी किचन में बाहर नहीं रखना चाहिए. मानसून में दूध और दूध से बनी चीजें जल्दी खराब होती हैं. इनमें बैक्टीरिया ज्यादा पनपते हैं और इनका स्वाद भी खराब हो जाता है.
मीट

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मीट को अक्सर ही किचन के काउंटर पर रख दिया जाता है. इससे इनमें दुर्गंध आने लगती है और बैक्टीरिया पनपता है सो अलग.
सूजी

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मानसून में सूजी को किचन में बाहर रखने के बजाय फ्रिज में रखना ज्यादा बेहतर है. बरसात की हाई ह्यूमिडिटी मॉइस्चर बिल्डअप को बढ़ाती है जिसके कारण 1-2 हफ्ते में सूजी पूरी तरह खराब हो जाती है.