अमेरिका के फ्लोरिडा में रहने वाले एक व्यापारी रोजर एम गूच. जो समुद्र में चलते रहने वाले एक विशालकाय शहर की परिकल्पना को अंतिम रूप दे रहे हैं. 1990 के दशक में इसी तरह का एक सपना इंजीनियर नॉर्मन निक्सन ने देखा था. इसे दुनिया की पहली फ्लोटिंग सिटी कहा जा रहा है. इसका निर्माण इंडोनेशिया में प्रस्तावित है. यह हर दो-तीन साल में दुनिया के चक्कर लगा लेगा. तो चलिए जानते हैं इस फ्रीडम शिप के बारे में कि आखिर ये कैसा होगा जिस पर एक पूरा का पूरा शहर बसाने की योजना बनाई गई है और इसमें लोगों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी.
दुनिया की पहली फ्लोटिंग सिटी

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फ्रीडम शिप एक बहुत अनोखा प्रोजेक्ट है. इसे दुनिया की पहली प्लोटिंग सिटी कहा जा रहा है यानी ऐसा जहाज, जिस पर पूरा शहर बस सके. इसमें लोग रहेंगे, काम करेंगे, पढ़ाई करेंगे, अपना इलाज कराएंगे और घूमेंगे भी. यह कोई साधारण क्रूज शिप नहीं है. यह एक तैरता हुआ पूरा शहर होगा.
एक तैरता हुआ शहर

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मिली जानकारी के अनुसार, इस तैरते हुए शहर में करीब 80 हजार लोगों के रहने की जगह होगी. इस कारण भी ये परियोजना दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है. फ्रीडम शिप का विचार नया नहीं है. इस पर कई सालों से बात होती रही है. लोग इसे भविष्य के शहर की तरह देख रहे हैं.
क्या है फ्रीडम शिप प्रोजेक्ट?

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मिली जानकारी के अनुसार, फ्रीडम शिप एक विशाल समुद्री ढांचा होगा. इसे ऐसे बनाया जाएगा कि यह लंबे समय तक समुद्र में रह सके. इसका उद्देश्य सिर्फ यात्रा करना नहीं है बल्कि इसका मकसद समुद्र पर लोगों को स्थायी जीवन देना भी है. यानी लोग इसमें सिर्फ कुछ दिन की छुट्टी के लिए नहीं आएंगे. वे यहां लंबे समय तक रह सकेंगे. यहां मकान होंगे, होटल होंगे, ऑफिस होंगे, दुकानें होंगी, स्कूल और अस्पताल भी होंगे. इस जहाज को एक चलते-फिरते शहर की तरह सोचा गया है. जहाज समुद्र में अलग-अलग देशों के पास घूमता रहेगा. लोग जहाज पर रहकर दुनिया के कई हिस्से देख सकेंगे. उन्हें बार-बार घर बदलने की जरूरत नहीं होगी.
क्या-क्या होंगी सुविधाएं?

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फ्रीडम शिप को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाया जाएगा. इसका मतलब है कि जहाज पर जीवन की जरूरत की हर एक छोटी बड़ी चीज मौजूद रहेगी. लोगों को हर छोटी जरूरत के लिए जमीन पर नहीं जाना होगा. यहां रहने के लिए अपार्टमेंट हो सकते हैं. होटल में कमरे भी हो सकते हैं. साथ ही यहां रहने वाले लोगों के लिए बाजार और शॉपिंग एरिया भी बनाए जा सकते हैं. लोगों के लिए रेस्तरां और कैफे भी होंगे. बच्चों के लिए स्कूल खेलने की जगह होगी. बीमारी में इलाज कराने के लिए अस्पताल होंगे. इसके अलावा पार्क, जिम स्विमिंग पूल और भी बहुत कुछ शामिल है.
क्यों खास है ये फ्लोटिंग सिटी?

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फ्रीडम शिप जमीन पर लगातार बढ़ रही आबादी का एक वैकल्पिक मॉडल भी माना जा रहा है. दुनिया में लगातार लोगों की भीड़ बढ़ रही है. जमीन सीमित है और जनसंख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में समुद्र पर रहने का विचार लोगों को नया रास्ता दिखाता है. यह प्रोजेक्ट तकनीक, इंजीनियरिंग और शहरी जीवन को एक साथ जोड़ता है. यानी जहाज, शहर और आधुनिक जीवन, सब एक जगह. जो लोग यात्रा पसंद करते हैं, उनके लिए यह सपने जैसा हो सकता है.
क्या-क्या आएंगी चुनौतियां?

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फ्रीडम शिप जितना आकर्षक विचार है, उतनी ही कठिन इसकी राह है. सबसे बड़ी चुनौती है इसमें लगने वाला पैसा. इतना विशाल जहाज बनाना बहुत महंगा काम होगा. बताया जा रहा है कि इसके लिए अनुमानित रकम 15-16 अरब डॉलर है. तकनीकी विशेषज्ञ चाहिए. लंबी योजना चाहिए. दूसरी चुनौती सुरक्षा की है. समुद्र हमेशा शांत नहीं रहता. तूफान आते हैं. तेज लहरें उठती हैं. मौसम अचानक बदल सकता है. ऐसे में इतने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी होगा. तीसरी चुनौती कानूनी होगी. जहाज किस देश के नियम मानेगा. यह किस झंडे के तहत चलेगा. जहाज पर रहने वाले लोगों के अधिकार क्या होंगे. टैक्स कैसे लगेगा. कानून व्यवस्था कैसे चलेगी. ये सभी बड़े सवाल हैं.