कैसे मिलती है ब्लैक कमांडो की नौकरी? जानें कितने महीने की होती है खतरनाक ट्रेनिंग

देश की सबसे ताकतवर सुरक्षा ढाल माने जाने वाले ब्लैक कैट कमांडो बनना हर युवा का सपना होता है. जान हथेली पर रखकर काम करने वाले इन जांबाजों का चयन और ट्रेनिंग बेहद रोमांचक होती है.

how to become black cat commando (6)
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क्यों बनी थी यह खास फोर्स?

क्यों बनी थी यह खास फोर्स?2 / 6

भारत में एनएसजी का गठन खास तौर पर हाईजैकिंग और हाई रिस्क ऑपरेशन जैसी बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए किया गया था. जब हालात किसी दूसरी फोर्स के नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं तब देश के ये जांबाज शूरवीर मोर्चा संभालकर दुश्मनों का खात्मा करते हैं.

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कौन बन सकता है इसका हिस्सा?

कौन बन सकता है इसका हिस्सा?3 / 6

एनएसजी में दो ग्रुप शामिल होते हैं जिनमें पहला भारतीय सेना और दूसरा सीएपीएफ से आता है. अगर आप आर्मी की इंफेंट्री या कॉम्बैट यूनिट से हैं तो आपके चुने जाने की उम्मीद ज्यादा होती है हालांकि मुकाबला इतना कड़ा होता है कि 100 में से केवल 15 लोग ही फिट बैठते हैं.

क्या है फिटनेस का पैमाना?

क्या है फिटनेस का पैमाना?4 / 6

इस फोर्स का हिस्सा बनने के लिए उम्मीदवार की उम्र 25 से 35 साल के बीच होनी चाहिए और मेडिकल फिटनेस बिल्कुल 100 प्रतिशत होना लाजमी है. शारीरिक बनावट के साथ-साथ आंखों की रोशनी और मानसिक मजबूती को भी बारीकी से परखा जाता है क्योंकि यहां गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती.

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कितनी कठिन है शुरुआती परीक्षा?

कितनी कठिन है शुरुआती परीक्षा?5 / 6

ट्रेनिंग से पहले होने वाले फिजिकल टेस्ट में लंबी दौड़ और मुश्किल बाधाओं को पार करना पड़ता है जिसमें फेल होने पर सीधा बाहर कर दिया जाता है. जवानों को कम नींद और भारी तनाव के बीच परखा जाता है ताकि यह पता चल सके कि वे मुश्किल वक्त में कितना धैर्य रख सकते हैं.

कैसी होती है असल ट्रेनिंग?

कैसी होती है असल ट्रेनिंग?6 / 6

एनएसजी की मुख्य ट्रेनिंग 9 से 14 महीने तक चलती है जो जवान को मानसिक और शारीरिक रूप से पत्थर की तरह कठोर बना देती है. काली वर्दी में रहने वाले इन जांबाजों के लिए शरीर का दर्द और बुखार बहुत आम बात है क्योंकि इनका असली मकसद सिर्फ और सिर्फ देश की सुरक्षा होता है.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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