कार इंश्योरेंस है फिर भी नहीं मिलेगा क्लेम! ये 7 गलतियां पड़ सकती हैं भारी
क्या आपको लगता है कि कार इंश्योरेंस होने के बाद हर नुकसान का क्लेम मिल जाएगा? ऐसा बिल्कुल नहीं है. ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर गाड़ी के गलत इस्तेमाल तक, कुछ ऐसी गलतियां हैं जिनकी वजह से बीमा कंपनी आपका क्लेम तुरंत रिजेक्ट कर सकती है. जानिए कौन-सी चूक आपको बड़ा नुकसान करा सकती है.

गाड़ी का इंश्योरेंस मुसीबत के समय आर्थिक सुरक्षा देने के लिए लिया जाता है, लेकिन कई बार कुछ छोटी गलतियों या नियमों का पालन न करने की वजह से बीमा कंपनी क्लेम मंजूर नहीं करती. इसलिए यह जानना जरूरी है कि किन परिस्थितियों में आपका क्लेम खारिज हो सकता है.
बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के नहीं मिलेगा क्लेम
2 / 8अगर दुर्घटना के समय वाहन चला रहे व्यक्ति के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, तो इंश्योरेंस कंपनी क्लेम देने से इनकार कर सकती है. लाइसेंस एक्सपायर होना या वाहन की कैटेगरी से अलग लाइसेंस होना भी क्लेम रिजेक्शन की वजह बन सकता है.
नशे की हालत में ड्राइविंग पड़ सकती है भारी
3 / 8अगर जांच में यह साबित हो जाए कि दुर्घटना के समय ड्राइवर शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में था, तो बीमा कंपनी क्लेम तुरंत खारिज कर सकती है. यह ट्रैफिक नियमों का गंभीर उल्लंघन भी माना जाता है. ये भी पढ़ें- स्पार्क प्लग कितने किलोमीटर तक चलता है, इसे कब बदलना चाहिए? जानें कैसे करते हैं इसकी सफाई
एक्सीडेंट या चोरी की जानकारी समय पर देना जरूरी
4 / 8वाहन दुर्घटना या चोरी होने के बाद बीमा कंपनी को तय समय सीमा के भीतर सूचना देना आवश्यक होता है. आमतौर पर यह अवधि 24 से 48 घंटे की होती है. बिना उचित कारण के देरी होने पर कंपनी क्लेम को संदिग्ध मानकर अस्वीकार कर सकती है.
गलत इस्तेमाल से भी फंस सकता है क्लेम
5 / 8अगर आपकी गाड़ी निजी उपयोग के लिए रजिस्टर्ड है लेकिन उसका इस्तेमाल टैक्सी, सवारी ढोने या डिलीवरी जैसे व्यावसायिक कामों में किया जा रहा था, तो दुर्घटना की स्थिति में इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. ये भी पढ़ें- आपकी कार कम चलती है? फिर भी सर्विस मिस करना पड़ सकता है भारी, जानिए कितने महीने में करानी चाहिए सर्विस
मॉडिफिकेशन की जानकारी छिपाना पड़ सकता है महंगा
6 / 8कई लोग वाहन में CNG किट, इंजन अपग्रेड या अन्य बड़े मॉडिफिकेशन करवाते हैं. यदि इन बदलावों की जानकारी RTO और बीमा कंपनी को नहीं दी गई है, तो दुर्घटना के बाद क्लेम मंजूर होने में दिक्कत आ सकती है.
पॉलिसी की शर्तें ध्यान से पढ़ना है जरूरी
7 / 8इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय उसकी सभी शर्तों और नियमों को ध्यान से पढ़ना चाहिए. कई बार लोग महत्वपूर्ण नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसकी वजह से बाद में क्लेम के समय परेशानी होती है.
गाड़ी बेचने पर इंश्योरेंस ट्रांसफर करना न भूलें
8 / 8अगर आपने अपनी गाड़ी बेच दी है, तो इंश्योरेंस पॉलिसी को नए मालिक के नाम ट्रांसफर कराना जरूरी है. नाम ट्रांसफर न होने की स्थिति में पुराने मालिक को भी क्लेम का लाभ नहीं मिल पाता. छोटी-छोटी सावधानियां आपको भविष्य में बड़े नुकसान और तनाव से बचा सकती हैं. (Images Credit-AI)



















