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नई दिल्ली स्थिल रेल मंत्रालय भवन के गेट नंबर-4 पर देश की पहली बुलेट ट्रेन की तस्वीर लगाई गई है. इस फोटो में ग्रे रंग की आधुनिक हाई-स्पीड ट्रेन को एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ते हुए दिखाया गया है. जापान की शिंकानसेन जैसी दिखने वाली इस ट्रेन की तस्वीर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, लेकिन अब सवाल ये उठ रहा है कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना जमीन पर आखिर कितनी आगे बढ़ चुकी है. तो चलिए आज हम आपको इस खबर में इसी सवाल का जवाब देंगे.
क्या बोले केंद्रीय रेल मंत्री?

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केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में प्रोजेक्ट की प्रगति से जुड़े आंकड़े साझा किए. जिनसे पता चलता है कि ये निर्माण कार्य अब तेजी से बढ़ रहा है. रेल मंत्री के अनुसार, 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में अब तक 349 किलोमीटर वायाडक्ट तैयार हो चुका है, जबकि 443 किलोमीटर तक पियर्स यानी स्तंभ बनाए जा चुके हैं. इसके अलावा 179 किलोमीटर हिस्से में 5.7 लाख से लाख से अधिक नॉइज बैरियर लगाए गए हैं. महाराष्ट्र में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से शिलफाटा तक बनने वाली 21 किलोमीटर लंबी सुरंग में 5 किलोमीटर तक खुदाई पूरी हो चुकी है. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के मुताबिक परियोजना के लिए 1,389.5 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण और सभी मंजूरियां मिल चुकी हैं.
कहां तक पहुंचा निर्माण कार्य

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प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी तकनीकी उपलब्धि मुंबई में सामने आई है, जहां 350 टन वजनी और 13.6 मीटर व्यास वाले भारत के सबसे बड़े टनल बोरिंग मशीन (TBM) के कटर हेड को विखरोली शाफ्ट में उतारा गया. यही मशीन BKC और शिलफाटा के बीच बनने वाली 21 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग की खुदाई करेगी, जिसमें देश की पहली अंडरसी रेल सुरंग भी शामिल है. इस कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन होंगे, जिनमें मुंबई, ठाणें, विरार, वलसाड, सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद प्रमुख हैं. गुजरात के अधिकांश स्टेशनों पर निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जबकि महाराष्ट्र में भी एलिवेटेड स्टेशनों का काम तेजी से जारी है.
कबसे चलेगी बुलेट ट्रेन

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मिली जानकारी के अनुसार, सरकार अब इस परियोजना के लिए पूरी तरह स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन बना रही है. इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने बेंगलुरु स्थित BEML को 867 करोड़ रुपये का करार दिया है. इन ट्रेनों की अधिकतम गति 280 किमी प्रति घंटा होगी, जबकि ट्रैक को 320 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तैयार किया जा रहा है.
कितनी है प्रोजेक्ट की लागत

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इस प्रोजेक्ट की लागत शुरुआती 1.08 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 1.98 लाख करोड़ रुपये पहुंच चुकी है. रेल मंत्री ने बताया कि 15 अगस्त 2027 तक देश की पहली बुलेट ट्रेन सेवा लोगों को मिल सकती है. शुरुआत में गुजरात के सूरत-वापी सेक्शन पर बुलेट ट्रेन का संचालन शुरू हो सकता है, जबकि पूरी मुंबई-अहमदाबाद लाइन 2029 तक चालू हो सकती है. इसके बाद यह दूरी महज 1 घटा 58 मिनट में पूरी की जा सकेगी.