Noida Airport Features: 11 शहरों के लिए फ्लाइट होंगी शुरू, कोहरे-बारिश में भी टेकऑफ-लैंडिंग संभव

Jewar International Airport: नोएडा का जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का सबसे स्मार्ट एविएशन हब बनने के लिए तैयार है। करीब 25 साल बाद सपना हकीकत में बदलेगा और 28 मार्च एयरपोर्ट शुरू हो जाएगा। वहीं यह सिर्फ एयरपोर्ट नहीं होगा, बल्कि इसके आस-पास एयरोसिटी भी बसाई जाएगी। आइए इस एयरपोर्ट की 6 खास बातें जानते हैं...

Noida International Airport
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 1334 हेक्टेयर एरिया में बना है, जिसे भविष्य में 5100 हेक्टेयर तक विस्तृत करने की योजना है। वहीं इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों और उड़ानों का दबाव कम होगा। साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत हरियाणा और राजस्थान के करोड़ों लोगों को सीधा लाभ भी मिलेगा।

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3900 मीटर लंबा 45 मीटर चौड़ा रनवे

3900 मीटर लंबा 45 मीटर चौड़ा रनवे2 / 7

जेवर एयरपोर्ट पर अभी एक ही रनवे है, जो 3900 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा है। इस पर बड़े और भारी विमान आसानी से लैंड कर सकेंगे और टेकऑफ कर सकेंगे। भविष्य में इस एयरपोर्ट पर 6 रनवे बनाए जाने की योजना है।

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जेवर एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम

जेवर एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम3 / 7

जेवर एयरपोर्ट की एक खासियत इसकी हाईटेक टेक्नोलॉजी है। यहां मॉडर्न इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) लगा है, जिसके जरिए घने कोहरे, भारी बारिश या खराब मौसम में भी इस एयरपोर्ट पर लैंडिंग संभव होगी। 50 मीटर विजिबिलिटी में भी फ्लाइट उड़ेगी और लैंड होगी। इससे फ्लाइट के लेट और कैंसिल होने की समस्या खत्म होगी।

नोएडा एयरपोर्ट कार्गो और लॉजिस्टिक हब

नोएडा एयरपोर्ट कार्गो और लॉजिस्टिक हब4 / 7

नोएडा के जेवर एयरपोर्ट को ग्लोबल कार्गो एंड लॉजिस्टिक हब के रूप में भी विकसित करने की तैयारी है। यहां सालाना 2.5 मिलियन टन कार्गो व्यवस्थित किया जा सकेगा। विमानों के रखरखाव के लिए MRO सुविधाएं मिलेंगी। नॉर्थ इंडिया के लिए लॉजिस्टिक हब होने के कारण कई राज्यों के लिए व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

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जेवर एयरपोर्ट की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था

जेवर एयरपोर्ट की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था5 / 7

नोएडा के एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपी गई है। करीब 1047 जवान पहले चरण में तैनात किए जाएंगे। CISF के अलावा एयरक्राफ्ट रेस्क्यू एंड फायरफाइटिंग (ARFF) कैटेगरी की सुविधा भी मिलेगी।

नोएडा एयरपोर्ट से 11 शहरों के लिए फ्लाइट

नोएडा एयरपोर्ट से 11 शहरों के लिए फ्लाइट6 / 7

नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से पहले चरण में इंडिगो, आकासा और एयर इंडिया एक्सप्रेस समेत कई एयरलाइंस उड़ानें शुरू करेंगी। वाराणसी, लखनऊ, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, चेन्नई, पटना, कानपुर और श्रीनगर शहरों के लिए सीधी फ्लाइट्स शुरू होंगी। रोजाना करीब 150 उड़ानों का संचालन होगा।

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ग्रीन एयरपोर्ट और कनेक्टिविटी का मॉडल

ग्रीन एयरपोर्ट और कनेक्टिविटी का मॉडल7 / 7

नोएडा का जेवर एयरपोर्ट दिल्ली के IGI एयरपोर्ट से 72 किलोमीटर, नोएडा से 52 किलोमीटर और आगरा से 130 किलोमीटर की दूरी पर है। यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए एयरपोर्ट तक पहुंचाना आसान है। भविष्य में एयरपोर्ट को मेट्रो और ट्रेन कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। ग्रीन एयरपोर्ट बनाने के लिए यहां सोलर एनर्जी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पेड़-पौधे लगाने की तैयारी है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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