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देश में होने वाले बड़े-बड़े एग्जाम कराने की जिम्मेदारी साल 2017 में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को सौंपी गई थी, लेकिन एंजेसी हर साल किसी न किसी एग्जाम को लेकर सुर्खियों में आ जाती है। विवाद ऐसे बढ़ जाता है कि या तो एग्जाम रद्द करना पड़ जाता है या वह सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच जाता है। साल 2026 के पहले ही एग्जाम ने एजेंसी पर एक और दाग लगा दिया।
2018 से 2024 तक 16 एग्जाम रद्द किए

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नवंबर 2017 में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का गठन किया। JEE (मेन), NEET-UG, CUET-UG, UGC-NET और CSIR-NET आदि एग्जाम कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। 2018 से एजेंसी परीक्षाएं आयोजित कर रही। जुलाई 2024 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के अनुसार, 2018 से 2024 तक एजेंसी ने कम से कम 16 एग्जाम रद्द किए। कई एग्जाम कोरोना महामारी के कारण रद्द हुए तो कुछ प्रशासनिक या तकनीकी कारणों से स्थगित करने पड़े। लेकिन पेपर लीक होने और अनियमितताओं की वजह से एग्जाम रद्द होने के मामले चर्चा में रहे। वहीं 2024 तक 240 से अधिक एग्जाम कराए, जिनमें 5.4 करोड़ से ज्यादा छात्र शामिल हुए।
2024 से एंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट कर रही

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संसद सत्र में 17 दिसंबर 2024 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी साल 2025 से उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए केवल एंट्रेस एग्जाम कंडक्ट करेगी, रिक्रूटमेंट एग्जाम नहीं। साल 2024 में एजेंसी ने सिर्फ 29 एग्जाम कराए, जो साल 2019 के बाद सबसे कम थे और 2023 के 1.33 करोड़ परीक्षार्थियों के मुकाबले साल 2024 में सिर्फ 85.78 लाख स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया। 2025 में भी एजेंसी की नाकामियां जारी रहीं। जनवरी में JEE Mains एग्जाम के करीब 12 प्रश्नों पर सवाल उठे, जिस कारण उन प्रश्नों को एजेंसी को वापस लेना पड़ा और स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स देने पड़े।
2025 में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे विवाद

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13 जनवरी 2025 को एजेंसी ने UGC-NET दिसंबर 2024 एग्जाम को मकर संक्रांति और पोंगल फेस्टिवल के कारण पोस्टपोन करना पड़ा। 14 मई 2025 को एजेंसी को श्रीनगर के एक एग्जाम सेंटर पर CUET UG 2025 एग्जाम को तकनीकी खराबी के कारण रद्द करना पड़ा। इससे 76 स्टूडेंट्स का करियर दांव पर लगा। एजेंसी की वर्किंग को लोगों ने कोर्ट में चुनौती भी दी। कोर्ट ने भी कई मामलों में एजेंसी को फटकार लगाई। एक्सपर्ट पैनल के द्वारा सुझाए गए सुधारों को लागू करने की सलाह एजेंसी को दी। कई एग्जाम को लेकर एजेंसी के खिलाफ याचिकाएं दायर हो चुकी हैं, जो अभी तक विचाराधीन हैं।
NTA की नाकामी पेपर लीक तक सीमित नहीं

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर पेपर लीक और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। साल 2024 के NEET UG पेपर की तस्वीरें भी लीक हुई थीं। झारखंड के हजारीबाग और बिहार के पटना से व्हाट्सऐप और टेलीग्राम से पेपर लीक हुए थे। 30-50 लाख चुकाकर पेपर खरीदने के आरोप लगे थे। 2024 में UGC-NET रद्द हुआ, CSIR-NET पोस्टपोन हुआ, NEET UG का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। इससे एग्जाम की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठे। एग्जाम कराने के लिए सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पर सवाल उठे। AI-असिस्टेड CCTV, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और GPS-ट्रैक्ड वाहनों के बावजूद पेपर लीक कैसे हुए? इस तरह के सवाल उठे। नेतृत्व के द्वारा जवाबदेही की कमी भी देखी गई। बार-बार गलतियों के बावजूद NTA के टॉप अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की जाती। विपक्ष एजेंसी पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के आरोप लगाता रहा है।