मई के महीने में इतनी ठंडक क्यों, कहां चली गई गर्मी? जानिए कब तक रहेगा ये सुहाना मौसम, क्या बढ़ेगी तपन

मई का नाम सुनते ही अकसर लोग भीषण गर्मी की कल्पना करने लगते हैं, लेकिन साल 2026 का मई पिछले कुछ वर्षों से अलग है. मई के पहले सप्ताह में जहां गर्मी से लोगों का बुरा हाल हो जाना चाहिए थे, वहीं दूसरी ओर इस वर्ष अभी लोगों की रातें सिर्फ पंखे में बीत रही हैं. आखिर इसकी वजह क्या है?

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मई का नाम सुनते ही अकसर लोग भीषण गर्मी की कल्पना करने लगते हैं, लेकिन साल 2026 का मई पिछले कुछ वर्षों से अलग है. मई के पहले सप्ताह में जहां गर्मी से लोगों का बुरा हाल हो जाना चाहिए थे, वहीं दूसरी ओर इस वर्ष अभी लोगों की रातें सिर्फ पंखे में बीत रही हैं. आखिर इसकी वजह क्या है?  

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कब तक रहेगी ये राहत?

कब तक रहेगी ये राहत?2 / 8

मई 2026 में उत्तर, पूर्वी और मध्य भारत के बड़े हिस्सों को गर्मी से राहत मिली हुई है. आपको जानकर हैरानी होगी कि कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 8-13 डिग्री कम दर्ज हो रहा है. पूर्वी हवाओं और बादलों ने गर्मी को दूर रखा है, लेकिन सवाल उठता है कि यह राहत कब तक रहेगी.

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मई में ठंडक का असर

मई में ठंडक का असर3 / 8

उत्तर प्रदेश के हरदोई में 7 मई को अधिकतम तापमान महज 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जो वहां अब तक का सबसे ठंडा मई का दिन साबित हुआ. पूर्वी दिशा से आ रही हवाओं ने सुबह-शाम की ठंडक बनाए रखी, भले ही दोपहर में हल्की गर्मी महसूस हुई.

गर्मी की शुरुआती चेतावनी

गर्मी की शुरुआती चेतावनी4 / 8

मौसम विभाग के अनुसार, यह पैटर्न पूरे देश के कई हिस्सों में जारी रह सकता है. गर्मियों की शुरुआत मार्च-अप्रैल में ही गर्म लहरों से हुई, जहां मध्य और पश्चिमी भारत में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच गया. पूर्वानुमान में मार्च-मई के लिए सामान्य से अधिक गर्मी के दिन बताए गए थे, लेकिन बारिश और पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम को ठंडा कर दिया.

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बारिश का ठंडक पर असर

बारिश का ठंडक पर असर5 / 8

मई में सामान्य से अधिक बारिश ने बादलों की चादर बिछा दी, जिससे तेज गर्मी रुक गई. पूर्वानुमानित वर्षा ने तापमान को नियंत्रित रखा और गर्मी के चरम को टाला. यह उतार-चढ़ाव मौसम की पुरानी प्रवृत्ति है, लेकिन इस बार राहत ज्यादा दिखाई दे रही है.

जलवायु परिवर्तन का लंबा प्रभाव

जलवायु परिवर्तन का लंबा प्रभाव6 / 8

लंबी अवधि के रुझानों से पता चलता है कि भारत की गर्मियां जलवायु परिवर्तन के कारण तेज और चरम हो रही हैं. गर्म लहरों की संख्या, तीव्रता और दायरा दशकों से बढ़ा है, खासकर रात्रिकालीन तापमान में उछाल ने गर्मी की मार को भयानक बनाया. अप्रैल में यही देखा गया जब रातें सामान्य से गर्म रहीं.

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कैसा रहेगा मई का महीना?

कैसा रहेगा मई का महीना?7 / 8

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मई में अधिकांश स्थानों पर दिन का तापमान सामान्य या कम रहेगा. दक्षिणी, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में कुछ गर्मी और लहरें संभव हैं. रातें पूरे देश में सामान्य से गर्म बनी रहेंगी.

कब पड़ेगी भीषण गर्मी?

कब पड़ेगी भीषण गर्मी?8 / 8

ट्रेंड्स बताते हैं कि अगले कुछ हफ्तों में ग्रीष्म चरम आ सकता है, जो कठोर होगा. एल नीनो के आने से मानसून में देरी होगी, जिससे गर्मी लंबी चलेगी. पूर्वी हवाएं और सक्रिय मौसम प्रणालियां अभी पीक को टाल रही हैं.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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