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भारत की सबसे धीमी ट्रेन कही जाने वाली नीलगिरि माउंटेन रेलवे आज भी यात्रियों के बीच बेहद फेमस है. तमिलनाडु के खूबसूरत पहाड़ों, चाय बागानों और सुरंगों से गुजरने वाली ये ट्रेन सिर्फ 9 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है. इसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा भी मिला है.
भारत की सबसे धीमी ट्रेन कौन सी है?

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भारत की सबसे धीमी ट्रेन Nilgiri Mountain Railway मानी जाती है. ये ट्रेन तमिलनाडु के मेट्टूपालयम से ऊटी तक चलती है और इसकी औसत रफ्तार सिर्फ 9 किमी प्रति घंटा है. करीब 46 किलोमीटर का सफर पूरा करने में इसे लगभग 5 घंटे लगते हैं. ये ट्रेन नीलगिरि पहाड़ियों, घने जंगलों, झरनों और चाय बागानों के बीच से गुजरती है. ट्रेन की धीमी रफ्तार यात्रियों को हर नजारे का आनंद लेने का मौका देती है.
क्यों इतनी धीमी चलती है ट्रेन?

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नीलगिरि माउंटेन रेलवे पहाड़ी रास्तों पर चलती है जहां तीखे मोड़, खड़ी चढ़ाई और संकरी पटरियां हैं. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन को बेहद धीमी स्पीड से चलाया जाता है. इसमें खास रैक-एंड-पिनियन सिस्टम का इस्तेमाल होता है जो पहाड़ों पर चढ़ने में मदद करता है.
यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा

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UNESCO ने नीलगिरि माउंटेन रेलवे को Mountain Railways of India के तहत वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया है. ये रेलवे 1908 में शुरू हुई थी और आज भी अपनी ऐतिहासिक पहचान बनाए हुए है. 'दिल से' फिल्म का मशहूर गाना 'छैंया-छैंया' इसी ट्रेन पर फिल्माया गया था.
कब जाएं सफर का लुत्फ उठाने?

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अक्टूबर से जून तक का समय इस ट्रेन यात्रा के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और पहाड़ों का नजारा साफ दिखाई देता है. मानसून में हरियाली बढ़ जाती है लेकिन बारिश की वजह से देरी की संभावना रहती है.
(All Photos Credit: Social Media)