
1 / 8
देश के कई हिस्सों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, लेकिन इस भीषण गर्मी के बीच एक अच्छी खबर आई है. यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट के ताजा पूर्वानुमानों के मुताबिक, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत में समय से पहले दस्तक दे सकता है. केरल और अंडमान में मानसून की आहट समय से पहले होने के संकेत मिल रहे हैं. आज जानेंगे कि इस भीषण गर्मी से कब राहत मिलेगी और पहली बारिश कब और कहां होगी.
भारत के कई हिस्सों में 40 पार पारा

2 / 8
उत्तर और मध्य भारत इस समय 43-44 डिग्री सेल्सियस की तपिश झेल रहा है. लेकिन, मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि मानसून इस बार 'अर्ली एंट्री' के मूड में है.
कहां देगा सबसे पहले दस्तक?

3 / 8
अनुमान है कि मानसून सबसे पहले 18 से 25 मई के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देगा. यहां सामान्य से 30 से 60 मिमी अधिक बारिश की संभावना है.
केरल में कब घुसेगा मानसून

4 / 8
अंडमान के बाद मानसूनी हवाएं तेजी से केरल की ओर बढ़ेंगी. अनुमान है कि 25 मई से 1 जून के बीच केरल और दक्षिण तमिलनाडु में झमाझम बारिश शुरू हो जाएगी.
बंगाल की खाड़ी से होगी एंट्री

5 / 8
हर साल, नमी वाली हवाएं हिंद महासागर से चलती हैं और भारत में बारिश लाती हैं. इस बार दक्षिण-पश्चिम से तेज हवाएं चल रही हैं जो बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से और अंडमान सागर के ऊपर बन रही हैं.
मानसून की जल्दी एंट्री क्यों

6 / 8
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर दक्षिण-पश्चिमी हवाएं मजबूत हो रही हैं. ये हवाएं अपने साथ भारी नमी लेकर आएंगी, जिससे मानसून समय से पहले सक्रिय होगा.
अल-नीनो का कैसा असर

7 / 8
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार मानसून के समय 'अल-नीनो' गायब रहेगा. साथ ही इंडियन ओशियन डिपोल भी मानसून को मजबूती देने के पक्ष में दिख रहा है.
गर्मी लाएगी बारिश?

8 / 8
देश में पड़ रही अत्यधिक गर्मी भी मानसूनी हवाओं को जल्दी खींचने में मदद कर रही है. अगर हालात ऐसे ही रहे, तो 25 मई के आसपास केरल में मानसून का आगाज़ हो सकता है.