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केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके अनुसार नई दरें आज 13 मई 2026 से लागू हो जाएंगी। आदेश के अनुसार, गोल्ड पर इम्पोर्ट ड्यूटी (BCD) को 5 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया। वहीं सेस (AIDC) को 1 से बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया था।
जुलाई 2024 में घटाई गई थी इम्पोर्ट ड्यूटी

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बता दें कि जुलाई 2024 के बजट में केंद्र सरकार ने गोल्ड पर टोटल इम्पोर्ट ड्यूटी को 15% से घटाकर 6% कर दिया था। इसमें इम्पोर्ट ड्यूटी (BCD) को 10% घटाकर 5% किया गया था। सेस (AIDC) को 5% से घटाकर 1% कर दिया गया था, लेकिन अब इन दोनों को बढ़ा दिया गया है, जिसका असर लोगों पर पड़ेगा।
इस तरह लागू होगी नई इम्पोर्ट ड्यूटी

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केंद्र सरकार के फैसले के अनुसार, इम्पोर्ट ड्यूटी और सेस की नई दरें बिस्कुट, ईंटों के साथ-साथ गहने बनाने में इस्तेमाल होने वाले छोटे-छोटे हिस्सों जैसे हुक, पिन, स्क्रू आदि पर भी लागू होगा। वहीं सरकार ने न केवल इम्पोर्ट ड्यूटी और सेस बढ़ाया है, बल्कि पुरानी धातुओं से सोना-चांदी निकालने के लिए जो भी कचरा आता है, उस पर भी टैक्स को 10 प्रतिशत बढ़ा दिया है।
आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?

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बता दें कि इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने के फैसले आम आदमी और इंडस्ट्री दोनों पर असर पड़ेगा। क्योंकि सुनारों और व्यापारियों को विदेशों से सोना-चांदी मंगवाने पर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा। इससे लागत बढ़ेगी तो सोने-चांदी और इससे बने गहने महंगे होंगे, जिन्हें खरीदने में आम आदमी असमर्थ होगा। धातुओं को इंडस्ट्रियल वर्क या रिसाइकिलिंग के लिए इस्तेमाल करने वाली कंपनियों की लागत भी बढ़ जाएगी।
सोने-चांदी का सबसे बड़ा कंज्यूमर भारत

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बता दें कि दुनिया में भारत सोने का दूसरा और चांदी का पहला सबसे बड़ा कंज्यूमर है। इसलिए सोने के इम्पोर्ट (आयात) पर केंद्र सरकार सीधे नजर रखती है, क्योंकि गोल्ड इम्पोर्ट से देश के व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ता है। भारत ने साल 2025 में 58 से 60 अरब डॉलर का सोना इम्पोर्ट किया, जो अब तक का रिकॉर्ड हे। गोल्ड इम्पोर्ट में साल 2024 के बजट के बाद तेजी आई। क्योंकि सरकार ने गोल्ड-सिल्वर पर इम्पोर्ट यानी कस्टम ड्यूटी को घटा दिया था।