दिल्ली पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक की जांच के अनुसार, बिल्डिंग के बेसमेंट में बने रेस्टोरेंट में लगी थी, जिसकी चपेट में ऊपर के हिस्से में बना फ्लोरिश स्टे गेस्ट हाउस और मिकासा इन रूम्स आ गए। 47 लोगों को रेस्क्यू किया गया। गैर इरादतन हत्या और BNS की अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया।
हौज रानी इलाके के DHO सीधे जिम्मेदार

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अग्निकांड के बाद MCD, दिल्ली पुलिस और टूरिज्म डिपार्टमेंट कठघरे में खड़े हैं। वहीं हादसे के लिए सिर्फ बिल्डिंग का मालिक ही दोषी नहीं है। किसी भी रेस्टोरेंट को खोलने के लिए हेल्थ लाइसेंस चाहिए। जोनल हेड डिप्टी हेल्थ ऑफिसर (DHO) इसके लिए ऑथराइज हैं, लेकिन हौज रानी इलाके के DHO डॉ. संजय सिन्हा ने लापरवाही बरती। इसलिए हादसे के लिए वे सीधे जिम्मेदार हैं। किसी भी बिल्डिंग के बेसमेंट में रेस्टोरेंट, किचन या बैंक्वेट हॉल नहीं होना चाहिए। यह चेक करना हेल्थ इंस्पेक्टर का काम है, लेकिन चूक हुई।
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टूरिज्म डिपाटमेंट ने भी बरती लापरवाही

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मालवीय नगर अग्निकांड के लिए दिल्ली सरकार का टूरिज्म डिपार्टमेंट भी जिम्मेदार है। किसी घर या गेस्ट हाउस को बेड एंड ब्रेकफास्ट का लाइसेंस देते समय इंस्पेक्शन करना है। मौके पर जाकर देखना होता कि 6 से ज्यादा कमरे न हो। चेकिंग के बाद ही लाइसेंस देने का नियम है। लाइसेंस देने के बाद भी समय-समय पर जाकर चेक करना होता है कि 6 से ज्यादा कमरे से तो नहीं बना लिए गए हैं। लेकिन टूरिज्म डिपार्टमेंट ने चेकिंग में लापरवाही बरती और 6 कमरों के लाइसेंस पर 25 कमरे बना लिए गए थे।
दिल्ली पुलिस ने लापरवाह रवैया दिखाया

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दिल्ली पुलिस के कर्मियों ने भी लापरवाह रवैया दिखाया है। अपनी जिम्मेदारी में कोताही बरती है। बीट कांस्टेबल और हौज रानी इलाके के SHO को ग्राउंड पर जाकर चेकिंग करनी चाहिए थी। अगर वे अपना काम करते और लापरवाही के बारे में टूरिज्म डिपार्टमेंट के साथ-साथ MCD को बताते तो होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट का लाइसेंस रद्द करके उन्हें बंद कराया जाता। दिल्ली पुलिस की सतर्कता हादसे को होने से रोक सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो 21 मौतों की जिम्मेदार पुलिस भी है।
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गेस्ट हाउस, होटल या लॉज के लिए नियम

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देशभर में किसी भी शहर में होटल, गेस्ट हाउस या रेस्टोरेंट चलाने के लिए सरकारी नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। जैसे बिल्डिंग बनाने और होटल, गेस्ट हाउस, लॉज या रेस्टोरेंट के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति जरूरी है। दिल्ली अग्निशमन विभाग से फायर एनओसी लेनी होती है। पुलिस से लाइसेंस और नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस चाहिए। विद्युत एवं सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। कमरों की निर्धारित क्षमता और लोगों की ठहराने की संख्या का पालन जरूरी है। आपातकालीन निकास यानी इमरजेंसी एग्जिट, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर, फायर इंस्ट्रूमेंट और धुआं निकालने की व्यवस्था होनी चाहिए।
मालवीय नगर में इन नियमों का उल्लंघन हुआ

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बता दें कि लवकेश बजाज ने स्वीकृत क्षमता से 6 गुना ज्यादा कमरे बनवाए। 6 कमरों की अनुमति थी और 26 कमरे बनाकर मुनाफा कमाया। बिल्डिंग के इस्तेमाल और लाइसेंस की शर्तों का गंभीर उल्लंघन हुआ। बिल्डिंग में 100 से ज्यादा लोग थे तो एक बिल्डिंग में लोगों की मौजूदगी के लिए निर्धारित संख्या का उल्लंघन हुआ। आपातकालीन निकास यानी इमरजेंसी एग्जिट के नियम का उल्लंघन हुआ। विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन भी नहीं किया गया। इन सभी लापरवाहियों के कारण हादसा हुआ।