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Bank Account Nominee Rules: देशभर के बैंक खाता धारक अब एक नहीं, बल्कि 4 नॉमिनी अपने खाते में जोड़ सकेंगे। अब एक बैंक खाते के 4 नॉमिनी हो सकते हैं। केंद्र सरकार ने बैंकिंग नियम संशोधन 2025 का एक नियम लागू कर दिया है। इससे लोगों के खातों में पड़ा अनक्लेम्स पैसा क्लेम हो पाएगा।
बैंक खातों में 74000 करोड़ अनक्लेम्ड डिपॉजिट

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केंद्र सरकार का कहना है कि देशभर के बैंकों में करोड़ों का अनक्लेम्ड कैश पड़ा है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, 31 मार्च 2024 तक बैंकों में 60610 अनक्लेम्ड डिपॉजिट था। एक साल में यह रकम बढ़कर 31 मार्च 2025 तक 74580 करोड़ रुपये हो गई, यानी अकाउंट होल्डर की मौत के बाद इतना पैसा क्लेम नहीं हुआ।
बैंक खातों में पब्लिक सेक्टर का कितना डिपॉजिट?

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बता दें कि बैंक खातों के 74580 करोड़ अनक्लेम्ड डिपोजिट में बड़ा हिस्सा पब्लिक सेक्टर के बैंकों का है। साल 2024 में अनक्लेम्ड डिपॉजिट में इन बैंकों की हिस्सेदारी करीब 74.47% थी। साल 2025 में भी यह हिस्सेदारी करीब 74.18% रही।
बैंक खातों में नॉमिनी का नियम क्यों बदला?

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केंद्र सरकार ने बैंक खातों में पड़ा अनक्लेम्ड डिपॉजिट उसके असली मालिकों तक पहुंचाने के लिए ही नॉमिनी का नियम बदला है। लोगों को एक अकाउंट में 4 नॉमिनी जोड़ने की सुविधा दी है।
बैंक खातों में अनक्लेम्ड डिपॉजिट क्या होता है?

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सेविंग या करंट बैंक अकाउंट 10 साल तक निष्क्रिय रहता है। कोई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) मैच्योर होने के 10 साल बाद भी क्लेम नहीं की जाती तो उस पैसे को अनक्लेम्ड डिपॉजिट कहा जाता है। इस अनक्लेम्ड डिपॉजिट को बैंकों से ट्रांसफर करके रिजर्व बैंक के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में जमा कर दिया जाता है।
केंद्र सरकार के देशभर के बैंकों को निर्देश

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केंद्र सरकार ने बैंकों को अनक्लेम्ड डिपॉजिट को लेकर खास निर्देश दिए हैं। बैंक खातों के असली मालिकों और नॉमिनी या कानूनी वारिसों का पता लगाने का निर्देश दिया है। ऑफिशियल वेबसाइट पर अनक्लेम्ड डिपॉजिट वाले खातों की सूची हर महीने अपडेट करने, खाताधारकों को ईमेल, SMS या लेटर के जरिए संपर्क करने को कहा गया है।