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अप्रैल 2026 में मौसम काफी अजीबो-गरीब रहा। मार्च के आखिर में गर्मी की दस्तक हो जाती है और अप्रैल महीने में सूरज की तपन महसूस होने लगती है, लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ और पछुआ हवाओं के कारण अप्रैल महीने में मौसम फरवरी जैसा ठंडा रहा। कभी बादल छाए रहे तो कभी तूफानी हवाएं चलीं। बारिश होने से मौसम ठंडा और सुहावना रहा, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि अब आगे मौसम गर्म रहेगा। एल नीनो मजबूत हो रहा है, जिसके कारण इस बार मानसून सीजन कमजोर रहेगा और सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ेगी।
15 अप्रैल को एक्टिव होगा पश्चिमी विक्षोभ

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IMD के अनुसार, वर्तमान में जम्मू और कश्मीर तथा उससे सटे लद्दाख के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है। वहीं 3 दिन बाद 15 अप्रैल को एक और पश्चिमी पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में आने की संभावना है। लेकिन इसका असर उत्तर भारत में नहीं पड़ेगा, इसलिए अगले एक सप्ताह के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में मौसम में कोई खास बदलाव आने की संभावना नहीं है। बल्कि उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 6-8 डिग्री और पूर्वी एवं मध्य भारत में 3-5 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है।
दिल्ली-NCR में उमस भरी गर्मी का अलर्ट

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IMD के अनुसार, दिल्ली में आजकल तेज धूप के साथ शुष्क गर्म हवाएं चल रही हैं। पुराने और नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण बादलों की आवाजाही रहेगी, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन जल्द ही लू का दौर शुरू हो जाएगा। अगले 7 दिन के दौरान अधिकतम तापमान में 4-5 डिग्री की वृद्धि होगी। वहीं 2 दिन धिकतम तापमान सामान्य रहने की संभावना है और उसके बाद सामान्य से काफी अधिक हो सकता है। वहीं हवा की स्पीड 10-20 किमी प्रति घंटा रह सकती है, जो दिन के समय 30 किमी प्रति घंटा भी पहुंच सकती है।
UP-बिहार समेत ये राज्य भी लू से तपेंगे

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IMD के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश बढ़ने लगेगी। उत्तर प्रदेश और बिहार में तापमान में 5 से 6 डिग्री की बढ़ोतरी हो गई है। लखनऊ, कानपुर, पटना में पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा है। आने वाले 3-4 दिनों में इन राज्यों में लू का प्रकोप बढ़ेगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी 14 से 17 अप्रैल के बीच भीषण गर्मी का 'येलो अलर्ट' रहेगा। ओडिशा में 13 से 14 अप्रैल के बीच, गंगा के मैदानी पश्चिमी बंगाल में 14 से 17 अप्रैल के बीच, गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में उमस भरा मौसम रहेगा।
असम-बंगाल में बारिश और तूफान का खतरा

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IMD के अनुसार, 15 अप्रैल तक पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज चमक के साथ बारिश होने और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ राज्यों में बाढ़ आने और भूस्खलन होने की आशंका है। यहां 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और भारी बारिश बाढ़ परेशानी का सबब बनेगी। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 14 और 15 अप्रैल को, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 13 से 15 अप्रैल तक और केरल, माहे में 15 अप्रैल तक बारिश हो सकती है। 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।