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आईआईटी कानपुर पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखता है. यहां की अत्याधुनिक तकनीक इसे सबसे अलग बनाती है. मिली जानकारी के अनुसार, अब यह संस्थान रक्षा क्षेत्र के लिए भी काम कर रहा है और ऐसे कई स्टार्टअप और तकनीक लेकर आ रहा है, जो देश की डिफेंस जरूरतों को और भी ज्यादा मजबूत कर रहे हैं.

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आईआईटी कानपुर पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखता है. यहां की अत्याधुनिक तकनीक इसे सबसे अलग बनाती है. मिली जानकारी के अनुसार, अब यह संस्थान रक्षा क्षेत्र के लिए भी काम कर रहा है और ऐसे कई स्टार्टअप और तकनीक लेकर आ रहा है, जो देश की डिफेंस जरूरतों को और भी ज्यादा मजबूत कर रहे हैं.

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बता दें कि भारतीय नौसेना प्रमुश आईआईटी कानपुर पहुंचे, जहां उन्होंने स्टार्टअप्स का जायजा लिया और रक्षा क्षेत्र में आईआईटी कानपुर द्वारा किए जा रहे कामों की तारीफ की.
मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी कानपुर पहुंचे, जहां उन्होंने आईआईटी कानपुर का दौरा किया और संस्थान के रक्षा पारिस्थितिक तंत्र का जायजा भी लिया. इस दौरान उनके साथ उपनिदेशक प्रोफेसर बृजभूषण और उनकी टीम ने आईआईटी कानपुर में हो रहे रक्षा से जुड़े नवाचारों की जानकारी उन्हें दी.

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इस दौरान इंडियन नेवी के प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने आईआईटी कानपुर में विकसित की जा रही प्रौद्योगिकियों का जायजा लिया और उनसे जुड़ी जानकारी प्राप्त की. बता दें कि यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि जिस तरह तकनीक का इस्तेमाल अब देश में चल रहे युद्धों में बढ़ रहा है, उसी क्रम में आईआईटी कानपुर लगातार कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है जिससे रक्षा क्षेत्र और मजबूत होगा.

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नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने IIT कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंक इनोवेशन सेंटर का भ्रमण किया, जहां उन्होंने संस्थान की स्टार्टअप रूपरेखा को बारीकी से समझा. इस दौरान सेंटर के इंचार्ज प्रोफेसर दीपू फिलिप्स ने भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर का स्टार्टअप इनक्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर नवाचार को बढ़ावा दे रहा है. स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार को प्रोत्साहित करने की यह रणनीति न केवल नए उद्यमियों को मंच दे रही है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में बाहरी निर्भरता को कम करने के सरकार के लक्ष्य को हासिल करने में भी मददगार साबित हो रही है.
वहीं, आईआईटी कानपुर में नौसेना प्रमुख के लिए एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई थी, जिसमें 15 चुनिंदा डीप टेक स्टार्टअप्स ने भाग लिया था.