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हार्ट अटैक एक गंभीर स्थिति है, जिसका खतरा आज के वक्त में काफी ज्यादा बढ़ चुका है. हालांकि, इस स्टोरी में हम जानेंगे कि आखिर क्यों महिलाओं की तुलना पुरुषों में हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा रहता है?
हर उम्र के लोगों के लिए बन रहा खतरा

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पहले ये समस्या बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन हालात अब इतने खराब हो चुके हैं कि कम उम्र के युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं. इसका एक सबसे बड़ा कारण लोगों की खराब लाइफस्टाइल, खराब खानपान और कम फिजिकल एक्टिविटी होती है.
कैसे बनती है हार्ट अटैक की स्थिति

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हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की मांसपेशियों को ऑक्सीजन पहुंचाने वाली कोरोनरी धमनियों में रुकावट (ब्लॉकेज) आ जाती है. यह ब्लॉकेज धमनियों में वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों (प्लाक) के जमा होने से होती है.
महिलाओं के तुलना में पुरुषों को ज्यादा खतरा

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सामान्य जानकारी के अनुसार, पुरुषों और महिलाओं में हार्ट अटैक के मामलों में अंतर देखा जाता है. दोनों के लिए यह बीमारी खतरनाक है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि पुरुषों में इसका खतरा ज्यादा होता है.
पुरुषों और महिलाओं में हार्ट अटैक में कितना अंतर

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कुछ रिपोर्ट बताते हैं कि महिलाओं में यह लगभग 72 साल के आसपास देखा जाता है. यानी महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा पुरुषों के मुकाबले करीब 10 साल देर से बढ़ता है.
इस हार्मोन के कारण महिलाओं में कम होता है हार्ट अटैक का खतरा

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बता दें कि महिलाओं में मेनोपॉज से पहले हार्ट अटैक का खतरा कम होता है, जिसका एक कारण एस्ट्रोजन हार्मोन हो सकता है. हालांकि, यह फैक्ट अभी पूरी तरह साबित नहीं हुआ है. लेकिन माना जाता है कि यह हार्मोन दिल की सेहत बनाए रखने में मदद करता है.
पुरुषों की इन आदतों से काफी बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा

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पुरुषों में तंबाकू और शराब का सेवन, खराब लाइफस्टाइल के कारण दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा, तनाव को संभालने के मामले में भी पुरुषों की क्षमता महिलाओं की तुलना में कम मानी जाती है. इन्हीं सब कारणों के चलते पुरुषों में हार्ट अटैक का बड़ा खतरा बना रहता है. (Image: Pexels)