
1 / 7
छोटे बच्चों में अंगूठा चूसना एक बहुत सामान्य आदत मानी जाती है. ज्यादातर शिशु खुद को शांत करने या सुरक्षित महसूस करने के लिए ऐसा करते हैं. यह उनके मानसिक आराम और भावनात्मक विकास से भी जुड़ा हो सकता है, लेकिन अक्सर माता-पिता का सवाल रहता है कि क्या उनका ऐसा करना सेहत के लिहाज से सही है? आइए जानते हैं.
कब शुरू होती है यह आदत

2 / 7
सामान्य जानकारी के अनुसार लगभग 6 से 7 महीने की उम्र के बाद कई बच्चे अंगूठा चूसना शुरू कर देते हैं. यह कोई बीमारी नहीं बल्कि सामान्य व्यवहार होता है जो अक्सर समय के साथ अपने आप कम हो जाता है.
बच्चों के विकास का हिस्सा है यह व्यवहार

3 / 7
विशेषज्ञ मानते हैं कि जीवन के पहले साल में बच्चे अपने आसपास की चीजों को समझने के लिए उन्हें छूते और मुंह में डालते हैं. हाथ या पैर का अंगूठा चूसना भी इसी प्राकृतिक विकास प्रक्रिया का एक हिस्सा माना जाता है, तो इससे घबराने की कोई बात नहीं है.
कब बच्चे ज्यादा अंगूठा चूसते हैं

4 / 7
जब बच्चा असहज महसूस करता है, भूखा होता है या उसे नींद आ रही होती है, तब वह अंगूठा चूस सकता है. दांत निकलने के समय मसूड़ों में होने वाली हल्की परेशानी भी इसका एक कारण हो सकती है.
कब यह आदत परेशानी का कारण बन सकती है

5 / 7
अगर यह आदत ज्यादा उम्र तक जारी रहती है तो, बच्चे की इस आदत से दांतों की सीध (अलाइनमेंट) पर असर पड़ सकता है. कुछ मामलों में बच्चे मुंह से सांस लेने लगते हैं, जिससे उनकी ओरल हेल्थ पर भी प्रभाव पड़ सकता है.
माता-पिता को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान

6 / 7
जब बच्चा अंगूठा चूसता है तो यह जरूरी है कि उसके हाथ साफ हों. गंदे हाथ मुंह में जाने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए बच्चों की सफाई और हाइजीन पर खास ध्यान देना चाहिए.
आदत छुड़ाने के आसान और सुरक्षित तरीके

7 / 7
अगर बच्चा जरूरत से ज्यादा अंगूठा चूस रहा है तो उसे प्यार से दूसरी एक्टिविटी में व्यस्त करें. खिलौने देना, कहानी सुनाना या खेल में लगाना मददगार हो सकता है. इस आदत को छुड़ाने के लिए डांटना या जबरदस्ती करना सही तरीका नहीं है, इससे बच्चे छुप-छुपकर दोबारा ऐसा कर सकता है. (Image: Pexels)