Parenting Mistakes: छोटे बच्चे का शरीर डेवलपमेंट स्टेज पर होता है और पूरी तरह से विकसित नहीं होता है. ऐसे में पैरेंट्स की छोटी-छोटी गलतियां भी उसके शरीर पर गहरा असर छोड़ जाती हैं. पीडियाट्रिशियन डॉ. अर्पित गुप्ता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो शेयर करके बताया है कि पैरेंट्स की कुछ गलतियां बच्चे की रीढ़ को खराब (Spine Damage) कर सकती हैं. इससे आगे चलकर बच्चे का पोश्चर, रीढ़ और चलने की डेवलपमेंट प्रभावित होती है.
बच्चे को जल्दी बैठाना

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बच्चा जबतक 5 महीने का ना हो जाए तबतक उसे जबरदस्ती बैठाने की कोशिश ना करें. बच्चे की रीढ़ और कोर मसल्स जबतक तैयार ना हों उसे बैठाने से परहेज करें.
बच्चे को उसके हाथ पकड़कर उठाना

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बच्चे को अक्सर ही माता-पिता उसके हाथ पकड़कर उठाने लगते हैं. इससे बच्चे को पुल्ड एल्बो यानी कोहनी खिंचने, गर्दन पर दबाव पड़ने और कमर में चोट लगने का खतरा रहता है. इसीलिए बच्चे को उठाते समय हमेशा उसकी गर्दन, छाती और पीठ को सहारा दें.
रॉकर या कार सीट पर बहुत ज्यादा समय बिताना

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बच्चे को रॉकर या कार सीट पर बहुत ज्यादा समय बिताने नहीं देना चाहिए. अगर बच्चा इनपर पूरा दिन रहता है तो बच्चे की मूवमेंट बाधित होने लगती है, मसल्स की डेवलपमेंट पर असर पड़ता है.
टमी टाइम ना देना

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दिन में बच्चे को टमी टाइम देना यानी उसे उसके पेट पर लिटाना जरूरी होता है. टमी टाइम बच्चे की गर्दन, कंधों और कोर मसल्स को मजबूत बनाता है. यह फ्यूचर माइलस्टोन यानी रॉलिंग, सिटिंग और क्रॉलिंग में मदद करता है.
वॉकर का इस्तेमाल करना

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बच्चे के लिए वॉकर का इस्तेमाल करना एक बड़ी गलती साबित होता है. यह नेचुरल वॉकिंग डेवलपमेंट को धीमा करता है, मसल्स को कमजोर बनाता है और चोट का कारण बन सकता है.
क्या करना चाहिए

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बच्चे को रोजाना टमी टाइम दें, उसे फर्श पर खेलने के लिए कहें, माइलस्टोन को फोर्स ना करें और पेशेंट रहें. हर बच्चा अपनी स्पीड से डेवलप करता है इसीलिए तुलना या प्रेशर पर जोर ना दें. इससे स्ट्रेस बढ़ता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.