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Sleep Apnea Complications: स्लीप एपनिया एक ऐसी दिक्कत है जिसमें सोते समय सांस लेने में दिक्कत आने लगती है. ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) में श्वसन नली ब्लॉक होने लगती है, सेंट्रल स्लीप एपनिया (CSA) में दिमाग ब्रीदिंग कंट्रोल करने वाली मसल्स को सिग्नल नहीं भेज पाता है और कॉम्प्लेक्स स्लीप एपनिया में स्लीप एपनिया OSA से CSA हो जाता है. बहुत तेज खर्राटे लेना, नींद लेते हुए सांस का रुक जाना और फिर आना, मुंह का सूखना और दिन में जरूरत से ज्यादा नींद आना स्लीप एपनिया का लक्षण हो सकता है. ऐसे में यहां जानिए स्लीप एपनिया में शरीर के अन्य अंगों पर क्या प्रभाव पड़ने लगता है.
हाई ब्लड प्रेशर

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स्लीप एपनिया में रात के समय अचानक से ऑक्सीजन लेवल गिर जाता है. इसके कारण हाई हाई ब्लड प्रेशर का रिस्क बढ़ जाता है.
हार्ट अटैक का खतरा

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ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इसमें इर्रेग्यूलर हार्टबीट की दिक्कत भी होने लगती है.
टाइप 2 डायबिटीज

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जो लोग ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से पीड़ित हैं उन्हें इंसुलिन रेजिस्टेंस का रिस्क भी बढ़ जाता है और टाइप 2 डायबिटीज हो सकती है.
लिवर की दिक्कतें

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लिवर फंक्शन खराब हो सकता है और स्लीप एपनिया के कारण लिवर की दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं. स्लीप एपनिया में लिवर स्कारिंग हो सकती है और नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज की संभावना बढ़ जाती है.
हर समय शरीर में थकान

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स्लीप एपनिया के कारण पूरी नींद लेने के बाद भी व्यक्ति के शरीर में थकान रहती है क्योंकि व्यक्ति रातभर सोता है फिर भी चैन की नींद नहीं ले पाता.
फोकस कम होने लगात है

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खराब नींद के कारण व्यक्ति का फोकस खराब होने लगता है. इससे व्यक्ति अपने काम पर भी ध्यान नहीं दे पाता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.