स्लीप एपनिया में सोने के बाद क्या होता है? जानिए किन दिक्कतों का बढ़ जाता है खतरा
Sleep Apnea: स्लीप एपनिया के कारण शरीर को सिर्फ नींद या खर्राटे आने की ही दिक्कत नहीं होती है बल्कि स्लीप एपनिया शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है. यहां जानिए स्लीप एपनिया में क्या होता है.

Sleep Apnea Complications: स्लीप एपनिया एक ऐसी दिक्कत है जिसमें सोते समय सांस लेने में दिक्कत आने लगती है. ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) में श्वसन नली ब्लॉक होने लगती है, सेंट्रल स्लीप एपनिया (CSA) में दिमाग ब्रीदिंग कंट्रोल करने वाली मसल्स को सिग्नल नहीं भेज पाता है और कॉम्प्लेक्स स्लीप एपनिया में स्लीप एपनिया OSA से CSA हो जाता है. बहुत तेज खर्राटे लेना, नींद लेते हुए सांस का रुक जाना और फिर आना, मुंह का सूखना और दिन में जरूरत से ज्यादा नींद आना स्लीप एपनिया का लक्षण हो सकता है. ऐसे में यहां जानिए स्लीप एपनिया में शरीर के अन्य अंगों पर क्या प्रभाव पड़ने लगता है.
हाई ब्लड प्रेशर
2 / 7स्लीप एपनिया में रात के समय अचानक से ऑक्सीजन लेवल गिर जाता है. इसके कारण हाई हाई ब्लड प्रेशर का रिस्क बढ़ जाता है.
हार्ट अटैक का खतरा
3 / 7ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इसमें इर्रेग्यूलर हार्टबीट की दिक्कत भी होने लगती है.
टाइप 2 डायबिटीज
4 / 7जो लोग ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से पीड़ित हैं उन्हें इंसुलिन रेजिस्टेंस का रिस्क भी बढ़ जाता है और टाइप 2 डायबिटीज हो सकती है.
लिवर की दिक्कतें
5 / 7लिवर फंक्शन खराब हो सकता है और स्लीप एपनिया के कारण लिवर की दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं. स्लीप एपनिया में लिवर स्कारिंग हो सकती है और नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज की संभावना बढ़ जाती है.
हर समय शरीर में थकान
6 / 7स्लीप एपनिया के कारण पूरी नींद लेने के बाद भी व्यक्ति के शरीर में थकान रहती है क्योंकि व्यक्ति रातभर सोता है फिर भी चैन की नींद नहीं ले पाता.
फोकस कम होने लगात है
7 / 7खराब नींद के कारण व्यक्ति का फोकस खराब होने लगता है. इससे व्यक्ति अपने काम पर भी ध्यान नहीं दे पाता है.