
1 / 7
Cervical Cancer Symptoms: महिलाओं को होने वाले सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों को शुरुआती स्टेज (Cervical Cancer Stage 1) में पहचानना अक्सर ही मुश्किल होता है. सर्वाइकल कैंसर के लक्षण आम दिक्कतों जैसे ही दिखते हैं इसीलिए महिलाएं इसकी समय रहते पहचान नहीं कर पाती हैं और कैंसर के सेल्स लगातार फैलते जाते हैं. सर्वाइकल कैंसर होने पर जरूरत से ज्यादा वजाइनल ब्लीडिंग होने लगती है, वाइट डिस्चार्ज अजीब तरह का होता है, सेक्स के दौरान दर्द होता है, पेल्विक फ्लोर में दर्द होता है, पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता है और पेशाब संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में कैंसर के लक्षणों (Cervical Cancer Ke Lakshan) को पहचानने के बाद ही इलाज (Cervical Cancer Treatment) शुरू किया जाता है. यहां जानिए क्या सर्वाइकल कैंसर से पूरी तरह बचा जा सकता है या नहीं.
लक्षण पहचानने जरूरी हैं

2 / 7
सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए तो इसका इलाज किया जा सकता है. सर्वाइकल कैंसर से पूरी तरह बचा जा सकता है और जिंदगी जीने के तरीके को बेहतर बनाया जा सकता है.
सर्वाइकल कैंसर की जांच

3 / 7
सर्वाइकल कैंसर को डिटेक्ट करने के लिए 3 से 5 सालों में एक बार Pap Smear with HPV टेस्टिंग करवाई जा सकती है. इस टेस्ट के लिए गायनेकोलॉजिस्ट से संपर्क किया जा सकता है.
सर्वाइकल कैंसर का ट्रीटमेंट

4 / 7
सर्वाइकल कैंसर का ट्रीटमेंट उम्र, ओवरऑल हेल्थ और कैंसर के स्टेज पर निर्भर करता है. कैंसर से पीड़ित होने के बाद कैंसर का ट्रीटमेंट शुरू किया जाता है.
कैंसर के ट्रीटमेंट में सर्जरी

5 / 7
कैंसर के ट्रीटमेंट में सर्जरी होती है जिसमें प्रीकैंसरस ग्रोथ को हटाने के लिए सर्विक्स का कुछ हिस्सा काफी होता है. लेकिन अगर कैंसर बहुत ज्यादा बढ़ गया हो तो गर्भाशय, सर्विक्स और आस-पास के ओर्गन्स और टिशूज को निकाला जा सकता है.
रेडिएशन थेरैपी

6 / 7
सर्जरी से ट्यूमर पूरी तरह नहीं निकलता तो इसके लिए रेडिएशन थेरैपी दी जाती है. इसमें रेडिएशन से कैंसर सेल्स को नष्ट किया जाता है और हाई एनर्जी रेज से कैंसर को बढ़ने से रोका जाता है. इसे ज्यादातर प्लेटिनम बेस्ड कीमोथेरैपी के साथ किया जाता है.
पूरी तरह हो सकता है ठीक

7 / 7
सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए इसके शुरुआती लक्षण पहचानने बेहद जरूरी होते हैं. जितनी जल्दी कैंसर पहचान लिया जाए उतना ही जल्दी इसे बढ़ने से रोका जा सकता है.