बाइपोलर डिसऑर्डर के शिकार हुए Honey Singh और शमा सिकंदर, जानिए क्या है यह बीमारी और कैसे दिखते हैं इसके लक्षण

Bipolar Disorder Symptoms: हनी सिंह और शमा सिकंदर ऐसे सेलेब्रिटीज हैं जो बाइपोलर डिसऑर्डर का शिकार हो चुके हैं. ऐसे में यहां जानिए क्या होता है बाइपोलर डिसऑर्डर और कैसे दिखते हैं इसके लक्षण.

Bipolar Disorder Symptoms
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Bipolar Disorder Symptoms

What Is Bipolar Disorder: रैपर और सिंगर हनी सिंह (Honey Singh) ने हाल ही में इस बात का खुलासा किया है कि पिछले 7 सालों से वे बाइपोलर डिसऑर्डर की चपेट में हैं. इससे पहले एक्ट्रेस शमा सिकंदर भी बाइपोलर डिसऑर्डर की शिकार हो चुकी हैं. बाइपोलर डिसऑर्डर एक मानसिक कंडीशन है जो व्यक्ति के सोचने और समझने की शक्ति पर प्रभाव डालती है. हनी सिंह ने बताया कि बाइपोलर डिसोर्डर के कारण वे 7 साल अपने घर में बंद रहे क्योंकि उन्हें घर से निकलने में डर लगता था. वहीं, शमा सिकंदर ने इस बात का जिक्र किया था कि बाइपोलर डिसऑर्डर के कारण उन्हें 5 सालों तक ऐसा महसूस हुआ था कि वे "मर रही हैं, मरने वाली हैं या उन्हें मर जाना चाहिए". ऐसे में बाइपोलर डिसऑर्डर है क्या और इसके लक्षण कैसे नजर आते हैं, जानिए यहां.

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क्या होता है बाइपोलर डिसऑर्डर

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बाइपोलर डिसऑर्डर को पहले मैनिक डिप्रेशन कहा जाता था. यह एक ऐसी मेंटल कंडीशन है जिसमें व्यक्ति को बहुत ज्यादा मूड स्विंग्स होने लगते हैं. कभी इमोशनल हाई तो कभी एकदम लो फील होता है, व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार भी हो जाता है. बाइपोलर का मतलब ही होता है 2 अलग ध्रुव. बाइपोलर डिसऑर्डर में व्यक्ति जीने की उम्मीद खोने लगता है, वह दुखी रहने लगता है और जो चीजें या एक्टिविटी उसे पहले अच्छी लगती थीं अब वह उनमें इंटरेस्ट खोना शुरू कर देता है.

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मूड स्विंग्स होने लगते हैं

मूड स्विंग्स होने लगते हैं 3 / 7

इन मूड स्विंग्स के कारण नींद में बदलाव होता है, एनर्जी और एक्टिविटीज पर असर पड़ता है, व्यक्ति की जजमेंट बदलने लगती है और व्यवहार में बदलाव नजर आना शुरू हो जाता है. देखा जाए तो व्यक्ति के सोचने और समझने की शक्ति पहले जैसी नहीं रहती है. बाइपोलर डिसऑर्डर में कभी बहुत ज्यादा अच्छा महसूस हो सकता है और कभी बहुत ज्यादा बुरा, किसी के मूड स्विंग्स के कारण उसे डिप्रेशन से मैनिया या मैनिया से डिप्रेशन या दोनों एक ही समय पर भी हो सकते हैं. मैनिया का मतलब है बहुत ज्यादा एनर्जाइज्ड मूड रहना और डिप्रेशन का मतलब है बहुत ज्यादा दुखी महसूस करना.

क्या बाइपोलर डिसऑर्डर ठीक हो सकता है

क्या बाइपोलर डिसऑर्डर ठीक हो सकता है 4 / 7

बाइपोलर डिसऑर्डर उम्रभर चलने वाली कंडीशन है जिसे सही ट्रीटमेंट और गाइडेंस से मैनेज किया जा सकता है. ज्यादातर मामलों में बातचीत से या कहें टॉक थेरैपी, जिसे साइकोथेरैपी कहते हैं, से बाइपोलर डिसऑर्डर को ट्रीट किया जा सकता है.

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बाइपोलर डिसऑर्डर के क्या लक्षण होते हैं

बाइपोलर डिसऑर्डर के क्या लक्षण होते हैं 5 / 7

बाइपोलर I डिसऑर्डर में व्यक्ति को डिप्रेसिव एपिसोड के बाद एकदम से मैनिक एपिसोड आता है जिसमें वह खुद को रिएलिटी से दूर महसूस करता है. बाइपोलर II डिसऑर्डर में एक मेजर डिप्रेसिव एपिसोड महसूस होता है. नींद या तो बिल्कुल नहीं आती या बार-बार आने लगती है. दिमाग एक के बाद दूसरी चीज पर जंप करने लगता है, एक के बाद एक ख्याल आने लगते हैं.

स्पेशल पावर महसूस हो सकती है

स्पेशल पावर महसूस हो सकती है 6 / 7

व्यक्ति को ऐसा महसूस होने लगता है कि उसकी सेल्फ वर्थ बहुत ज्यादा है, वह घमंडी हो सकता है या उसे लगने लगता है कि उसमें स्पेशल पावर्स आ गई हैं. व्यक्ति इतनी तेज बोलना शुरू कर देता है कि दूसरा व्यक्ति उसे रोक ही नहीं पाता.

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रिस्क लेना

रिस्क लेना 7 / 7

किसी एक काम में फोकस करने में दिक्कत होने लगती है. व्यक्ति का व्यवहार रिस्की होने लगता है. वह बिना सोचे-समझे ड्राइव करने लगता है या अनसेफ सेक्शुअल एक्टिविटी का हिस्सा बनता है. यह भी पढ़ें - 10 संकेत जो बताते हैं कि हेल्दी नहीं है आपका दिल, पैरों से लेकर त्वचा पर दिखते हैं ये लक्षण

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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